मंत्री दिलीप अहिरवार के बंगले में निकला 8 फीट लंबा सांप, 5 मिनट में रेस्क्यू; सर्पमित्र की टिप्पणी से छाई मुस्कान !

Spread the love

छतरपुर, मध्यप्रदेश सरकार में राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के छतरपुर स्थित सौंरा रोड निवास पर गुरुवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब बंगले परिसर में एक विशालकाय सांप दिखाई दिया। लगभग 7 से 8 फीट लंबे सांप को देखकर बंगले में मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि सूचना मिलते ही पहुंचे सर्पमित्र ने महज पांच मिनट में सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर स्थिति को सामान्य कर दिया।

सुबह अचानक दिखा विशालकाय सांप

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे मंत्री निवास परिसर में एक बड़ा सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही वहां मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना मंत्री के भतीजे धीरज अहिरवार को दी। उन्होंने बिना समय गंवाए स्थानीय सर्पमित्र आकाश सिंह राठौड़ से संपर्क किया। सूचना मिलते ही आकाश अपनी रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सांप को सुरक्षित पकड़ने की कार्रवाई शुरू की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांप की लंबाई लगभग 7 से 8 फीट थी और उसका आकार भी काफी बड़ा था। बंगले के कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों ने सुरक्षा के मद्देनजर दूरी बनाए रखी, जबकि सर्पमित्र ने पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान संचालित किया।

पांच मिनट में सफल रेस्क्यू

सर्पमित्र आकाश सिंह राठौड़ ने पेशेवर तरीके से सांप को नियंत्रित किया और करीब पांच मिनट के भीतर उसे सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और न ही सांप को किसी प्रकार की चोट आई।

रेस्क्यू पूरा होने के बाद सांप को एक सुरक्षित कंटेनर में रखा गया और बाद में उसे आबादी वाले क्षेत्र से दूर प्राकृतिक जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन्यजीव संरक्षण के नियमों के तहत सांप को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई गई।

सर्पमित्र की टिप्पणी बनी चर्चा का विषय

रेस्क्यू के दौरान एक रोचक पल भी देखने को मिला। सांप को पकड़ने के बाद सर्पमित्र आकाश सिंह राठौड़ ने हंसी-मजाक के अंदाज में कहा, “यह तो मंत्री जी के यहां का खाते-पीते घर का सांप निकला है।”

उनकी इस टिप्पणी को सुनकर मौके पर मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई और कुछ देर पहले का तनावपूर्ण माहौल हल्का हो गया। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई पालतू या घरेलू सांप नहीं था, बल्कि पूरी तरह जंगली प्रजाति का एक शक्तिशाली और स्वस्थ सांप था।

बदलते मौसम में बढ़ रही ऐसी घटनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और मानसून पूर्व मौसम के दौरान सांपों का रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश बढ़ जाता है। अत्यधिक गर्मी, भोजन की तलाश और सुरक्षित स्थानों की खोज में सांप खेतों, बगीचों और मकानों के आसपास पहुंच जाते हैं।

विशेष रूप से जून माह में मौसम में बदलाव और बारिश की शुरुआती गतिविधियों के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकलते हैं। ऐसे समय में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सर्प दिखाई देने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

घबराने के बजाय विशेषज्ञों को दें सूचना

सर्पमित्र आकाश सिंह राठौड़ ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि घर, खेत या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। अधिकांश सांप पर्यावरण के लिए उपयोगी होते हैं और चूहों सहित कई हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि सांप दिखने पर तुरंत वन विभाग, स्थानीय प्रशासन या प्रशिक्षित सर्पमित्र को सूचना दी जानी चाहिए ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। बिना प्रशिक्षण के सांप को पकड़ने का प्रयास करना जानलेवा साबित हो सकता है।

परिसर में सामान्य हुई स्थिति

रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद मंत्री निवास परिसर में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने सर्पमित्र की तत्परता और दक्षता की सराहना की, जिसके कारण संभावित खतरे को कुछ ही मिनटों में टाल दिया गया।

यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व बनाए रखने और ऐसी परिस्थितियों में विशेषज्ञ सहायता लेने का महत्व कितना अधिक है। बदलते मौसम के बीच प्रशासन और वन्यजीव विशेषज्ञ लगातार लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *