संजीत नाका क्षेत्र की मयूर कॉलोनी में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ कॉलोनी में घुस आया। तेंदुआ मयूर कॉलोनी स्थित एक निर्माणाधीन मकान में जाकर बैठ गया। सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

जिस मकान में तेंदुआ मौजूद था, वहां की गली में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आवाजाही पूरी तरह रोक दी। बड़ी संख्या में लोग आसपास के मकानों की छतों पर चढ़कर रेस्क्यू ऑपरेशन देखने लगे। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए।

वन विभाग की टीम ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश किया। बेहोशी की पुष्टि के बाद रेस्क्यू टीम ने तेंदुए को सुरक्षित रूप से उठाकर पिंजरे में बंद किया और वहां से ले गई।
इस बीच घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें सुबह करीब 8 बजे तेंदुआ कॉलोनी की गलियों और घरों की छतों पर दौड़ता नजर आ रहा है। कुछ स्थानों पर तेंदुआ लोगों को देखकर झपटता हुआ भी दिखाई दिया।

5 से 8 वर्ष का नर तेंदुआ
जिला वन अधिकारी संजय रायखेरे ने बताया कि रेस्क्यू किया गया जानवर नर तेंदुआ है, जिसकी उम्र लगभग 5 से 8 वर्ष के बीच है। रेस्क्यू के दौरान दो पशु चिकित्सक मौके पर मौजूद रहे। तेंदुए को बेहोश करने के बाद पूरी सावधानी के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

वन विभाग के अनुसार, रेस्क्यू के दौरान किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। तेंदुए को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़े जाने की प्रक्रिया की जाएगी।