शहर के प्रमुख मंदिर में इस वर्ष श्रद्धालुओं की आस्था ने दान के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ने के संकेत दे दिए हैं। मंदिर की दान पेटियों की गणना के दौरान अब तक कुल 3 करोड़ 46 लाख 42 हजार 308 रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। यह गणना करीब एक सप्ताह तक चली, जिसमें नकद के साथ-साथ चांदी के आभूषण, विदेशी मुद्राएं और बंद हो चुके नोट भी बड़ी संख्या में सामने आए।
नकदी के साथ मिले आभूषण और विदेशी मुद्रा
दान पेटियों से सोने-चांदी के आभूषण, विभिन्न देशों की विदेशी मुद्राएं, इसके अलावा बंद हो चुके 2000 रुपए के दो नोट और 500 रुपए के तीन नोट भी मिले हैं। साथ ही जांच के दौरान दो नकली सोने के आभूषण भी पाए गए, जिन्हें अलग कर लिया गया है।

पहली गणना में निकले थे 1.68 करोड़ रुपए
मंदिर प्रबंधक गौरीशंकर मिश्रा ने बताया कि 1 अगस्त को हुई पहली गणना में ही 1 करोड़ 68 लाख 15 हजार 624 रुपए प्राप्त हुए थे। इसके बाद दूसरी और अगली गणनाओं को मिलाकर अब तक की कुल राशि 3.46 करोड़ रुपए से अधिक हो चुकी है। सभी दानराशि को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पीएनबी और यूनियन बैंक के खातों में जमा करा दिया गया है।
इस वर्ष 5 करोड़ से ज्यादा दान की उम्मीद
मंदिर के पुजारी पं. अशोक भट्ट के अनुसार, अभी तीसरी और अंतिम गणना शेष है, जिसमें दान का नया रिकॉर्ड बनने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में कुल 4.89 करोड़ रुपए की दानराशि प्राप्त हुई थी, लेकिन इस बार तिल चतुर्थी और नववर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कुल दान 5 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सीसीटीवी निगरानी में हुई पूरी प्रक्रिया
दान पेटियों की गणना प्रदीप दुबे के नेतृत्व में 25 सदस्यीय टीम द्वारा की गई। पूरी प्रक्रिया मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न हुई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
जनकल्याण और धार्मिक कार्यों में होगा उपयोग
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त दानराशि का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों, मंदिर विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा। श्रद्धालुओं की आस्था से प्राप्त यह राशि समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक बनेगी।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि शेष गणना पूरी होने के बाद अंतिम आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि इस वर्ष दान ने वास्तव में नया इतिहास रच दिया है।