जबलपुर। शहर में रविवार को हुए दर्दनाक हिट एंड रन हादसे के तीन दिन बाद मंगलवार की शाम को गौर चौकी पुलिस ने वह कार जब्त कर ली है, जिससे 5 महिला मजदूरों की मौत हुई थी। हादसे की घटना ने इलाके में आक्रोश फैलाया था और परिजनों तथा स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था।
जब्त की गई कार और चालक की स्थिति
गौर चौकी प्रभारी टेकराम शर्मा ने बताया कि जब्त की गई सफेद कार पूरी तरह से आगे से क्षतिग्रस्त थी। कार का मालिक दीपक सोनी है, जबकि इसे हादसे के समय उसका भाई लखन सोनी चला रहा था। लखन सोनी सिहोरा के पास पोड़ा गांव का रहने वाला है और फिजियोथेरेपी का काम करता है।

हादसे के तुरंत बाद लखन अपनी कार को सिहोरा ले आया और निशांत अहमद कुरैशी के घर में पार्क कर दिया। उसने कार पर कवर भी लगाया और फिर वहां से चला गया। पुलिस ने कार को मालिक दीपक सोनी की निशानदेही पर जब्त किया है। हालांकि, लखन सोनी अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
हादसे का विवरण
यह दर्दनाक हादसा रविवार दोपहर उस समय हुआ, जब बरेला से जबलपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार सफेद कार ने सड़क किनारे लंच कर रहे 13 मजदूरों को टक्कर मार दी। इस घटना में मौके पर ही चैनवती बाई (40) और लच्छो बाई (40) की मौत हो गई। वहीं, अस्पताल में इलाज के दौरान गोमता बाई (40), वर्षा कुशराम (45) और कृष्णा बाई (40) की भी मौत हो गई। आठ मजदूर घायल हुए हैं।

परिजनों और ग्रामीणों का प्रदर्शन
हादसे के अगले दिन, सोमवार को मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और करीब 5–6 किलोमीटर तक चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने 10 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की। प्रशासन के आश्वासन के बाद शाम 5.15 बजे हंगामा समाप्त हुआ।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब भी लखन सोनी की तलाश में जुटी हुई है। गौर चौकी पुलिस ने हादसे की जांच तेज कर दी है और कार को जब्त कर अपने नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस की माने तो जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि तेज रफ्तार वाहन और सड़क पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी किस तरह जानलेवा हो सकती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को हादसों की रोकथाम और चालक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।