सागर। नगर परिषद सुरखी में मंगलवार, 21 जनवरी 2026 को 18 पुराणों का महाकुंभ, वार्षिक महा महोत्सव एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में कथावाचक पं. श्री विपिन बिहारी जी ने भक्तों को श्रीमद्भागवत कथा सुनाई, जिसमें उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हुए।
आयोजन और कथावाचक की उपस्थिति
कथावाचक पं. श्री विपिन बिहारी जी ने कथा के दौरान पुराणों एवं श्रीमद्भागवत की महत्ता को समझाते हुए कहा कि ये धार्मिक ग्रंथ मानव जीवन में सत्य, धर्म और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा उन्हें शाल, श्रीफल और पुष्पमाला भेंट करने पर आभार व्यक्त किया और आशीर्वाद दिया।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का संदेश
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी इस भव्य आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पुराण और धार्मिक कथाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत की अनमोल धरोहर हैं। “पुराण और कथाएँ ही सनातन धर्म की आत्मा हैं। ये समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संचार करती हैं। ऐसे कार्यक्रम हमारे बच्चों और युवा पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और संस्कृति की गहराई से अवगत कराते हैं।”
मंत्री राजपूत ने आयोजन समिति और सुरखी वासियों को इस कार्यक्रम की सफलता पर बधाई दी और आगामी आयोजनों के लिए शुभकामनाएं दी।
श्रद्धालुओं की भागीदारी

इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और संगीतमय कथा का आनंद लिया। भक्तों ने कथा के दौरान गहन भावनात्मक अनुभव साझा किए और पुराणों की शिक्षाओं पर गौर किया। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना के महत्व को समझते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया।
आयोजन का महत्व
सुरखी नगर परिषद में यह वार्षिक महा महोत्सव और 18 पुराणों का महाकुंभ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समुदाय में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का एक माध्यम भी है। आयोजन ने लोगों में सनातन धर्म के मूल्यों और सामाजिक सद्भाव की भावना को बढ़ावा दिया।
यह कार्यक्रम स्थानीय समाज और धार्मिक आयोजनों में पुराणों एवं श्रीमद्भागवत कथा की महत्ता को उजागर करने का एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।