भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। वर्षों बाद होने वाले इस बड़े अभियान का उद्देश्य है—मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और समावेशी बनाना, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में दर्ज हो और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न रहे।

लंबे समय से शहरीकरण, प्रवासन, मृत मतदाताओं के नाम, दोहरे पंजीकरण और तकनीकी त्रुटियों के चलते मतदाता सूची में कई असंगतियाँ पाई जा रही थीं। इसी कारण आयोग ने दो दशक बाद सबसे व्यापक सत्यापन की यह प्रक्रिया शुरू की है। वर्ष 2002-2004 के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर SIR संचालित हो रहा है।
SIR के तहत बूथ स्तर अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाता की उपस्थिति, पता, पहचान और पात्रता की वास्तविक पुष्टि कर रहे हैं। BLO पूर्व-प्रिंटेड फॉर्म दे रहे हैं, जिनमें मतदाता का नाम, EPIC नंबर, पता और फोटो पहले से अंकित है। मतदाता को केवल जानकारी जांचकर फॉर्म वापस करना है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले मतदाताओं के फॉर्म BLO ऐप पर स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं।
इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा पहलू यह है कि BLO घर-घर भ्रमण के दौरान कोई भी दस्तावेज नहीं लेगा। दस्तावेज केवल तब मांगे जाएंगे जब Draft Roll प्रकाशित होने के बाद ERO औपचारिक नोटिस जारी करें। नए मतदाताओं के लिए Form-6 और Declaration Form साथ में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें यह घोषणा आवश्यक है कि आवेदक का नाम किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज नहीं है और उसने किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त नहीं की है।
गृह-भ्रमण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा। BLO हर घर में कम से कम तीन बार संपर्क करेगा। उपलब्ध न होने पर मतदाता को Absent, Shifted, Death या Duplicate की श्रेणी में चिह्नित किया जा सकता है। जिन मतदाताओं के फॉर्म वापस नहीं आए, उनकी सूची पंचायत भवन, निकाय कार्यालय और CEO वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी। Draft Roll 9 दिसंबर को प्रकाशित होगा और 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे–आपत्तियाँ ली जाएँगी। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी होगी।
निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों और Booth Level Agents (BLA) को भी शामिल किया है, ताकि सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे। BLAs स्थानीय मतदाता संरचना से परिचित होते हैं, जिससे त्रुटियों की संभावना और भी कम हो जाती है।
SIR के दौरान नागरिकता और निवास की पुष्टि हेतु आधार, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शिक्षा प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जमीन/मकान दस्तावेज, NRC (जहाँ लागू हो) सहित कई दस्तावेजों की संकेतात्मक सूची भी जारी की गई है।
निर्वाचन आयोग ने हेल्पलाइन, कॉल सेंटर, सोशल मीडिया जागरूकता, SVEEP गतिविधियों और जिला-स्तरीय हेल्प डेस्क स्थापित कर मतदाताओं की सभी शंकाओं का समाधान करने की व्यवस्था की है। विशेष ध्यान वृद्ध, दिव्यांग, प्रवासी मजदूरों तथा PVTG समुदाय पर दिया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न हो।
SIR अभियान न केवल मतदाता सूची की गुणवत्ता सुधारने की ऐतिहासिक पहल है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जन-समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है। यह सुनिश्चित करेगा कि “जनता के द्वारा, जनता के लिए शासन” की भावना वास्तविक अर्थों में लागू हो सके।