प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वे ग्रामीण क्षेत्र के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से मतदाता सूची में नाम जोड़ने की अपील कर रहे हैं, लेकिन उनके बयान के कुछ हिस्सों ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।

“नाम नहीं जुड़वाया तो राशन-पानी, आधार कार्ड बंद हो जाएंगे” – वीडियो में मंत्री के बोल
वायरल वीडियो में मंत्री राजपूत कहते नजर आ रहे हैं—
“गांव में मतदाता सूची का काम चल रहा है। सभी से अनुरोध है कि अपना नाम जुड़वा लें। इस बार अलग प्रकार से नाम जुड़ रहे हैं। अगर नाम नहीं जोड़ पाए तो आपका राशन-पानी, आधार कार्ड समेत सुविधाएं बंद हो जाएंगी। इसलिए समय रहते नाम जुड़वा लें।”
उन्होंने यह भी बताया कि “जब जेरई गांव में मेरा नाम मतदाता सूची में जुड़ रहा था, तब मैं खुद जाकर फॉर्म भरकर आया था।”
बताया जा रहा है कि यह वीडियो 28 नवंबर को चंद्रपुर व आसपास के क्षेत्रों में आयोजित लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान उनके संबोधन का है।

कांग्रेस ने लगाया मतदाताओं को धमकाने का आरोप
वीडियो सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है।
सागर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा—
“कांग्रेस शुरू से कह रही है कि भाजपा मतदाताओं को प्रभावित करने का काम कर रही है। वीडियो में मंत्री खुलेआम मतदाताओं को धमका रहे हैं। यदि निर्वाचन आयोग निष्पक्ष है, तो तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
कांग्रेस का दावा है कि सार्वजनिक मंच से ऐसे बयान चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं और मतदाताओं में भय का माहौल बनाते हैं।
मामला निर्वाचन आयोग तक पहुंचने की तैयारी
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे इस वीडियो को आधिकारिक रूप से निर्वाचन आयोग के सामने पेश करेंगे। वहीं मंत्री के समर्थकों का कहना है कि बयान का मकसद केवल लोगों को जागरूक करना था।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
वायरल वीडियो को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप–प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। चुनावी माहौल के बीच इस वीडियो पर आयोग क्या रुख अपनाएगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।