सागर जिले में यूरिया की कमी को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। डीएपी के बाद अब यूरिया के लिए हाहाकार मच गया है। गुरुवार को मकरोनिया स्थित विपणन संघ की गोदाम पर खाद लेने पहुंचे किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए।
सुबह से लगी लंबी कतारें, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप
सुबह-सुबह ही महिला और पुरुष किसान बड़ी संख्या में खाद केंद्र पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनवाईं। शुरुआत में व्यवस्था संभली रही, लेकिन दोपहर होते-होते स्थिति बिगड़ने लगी।

महिलाओं की कतार में पुरुषों की घुसपैठ
दोपहर तक पुरुष किसानों ने महिलाओं की कतार में घुसकर लाइन तोड़ना शुरू कर दिया, जिसके चलते महिलाओं को घंटों तक खड़े रहना पड़ा। कई महिलाओं ने नाराजगी जताई कि—
“सुबह से खड़े हैं, लेकिन पुरुष बार-बार लाइन तोड़ रहे हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही।”
हालात बिगड़ते देख पुलिस को फिर से मोर्चा संभालना पड़ा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्ती बरतनी पड़ी।
किसानों में नाराजगी बढ़ी
किसानों का कहना है कि—
- खाद की उपलब्धता कम है,
- वितरण की गति धीमी है,
- और रोजाना कई घंटे लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है।
किसानों ने मांग की है कि प्रशासन किसानों की संख्या देखते हुए अतिरिक्त वितरण केंद्र शुरू करे।
बार-बार उठ रहा खाद संकट का मुद्दा
हर साल की तरह इस बार भी रबी सीजन की शुरुआत में यूरिया की किल्लत सामने आ रही है। कई क्षेत्रों में किसानों को टोकन के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को समय से खाद उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि किसानों को इस तरह की मारामारी न झेलनी पड़े।