मध्यप्रदेश समेत ग्वालियर में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर, 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी बंद, चार दिन नहीं खुलेंगे बैंक !

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मध्यप्रदेश सहित ग्वालियर अंचल में बैंक कर्मचारी और अधिकारी सोमवार से हड़ताल पर चले गए हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर 27 जनवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की जा रही है। हड़ताल के चलते जनवरी के अंतिम सप्ताह में लगातार चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएं ठप रहने वाली हैं।

दरअसल, 24 जनवरी को चौथा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 27 जनवरी को बैंक हड़ताल होने के कारण बैंकों में लगातार अवकाश रहेगा। इससे आम ग्राहकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग

यूएफबीयू लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय में यूएफबीयू, भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों के बीच सुलह वार्ता हुई थी, लेकिन यह वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।

वार्ता विफल होने के बाद यूएफबीयू ने 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया।

8 लाख कर्मचारी-अधिकारी होंगे शामिल

यूएफबीयू के अनुसार इस हड़ताल में देशभर के करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी भाग लेंगे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक शामिल हैं।

मध्यप्रदेश में इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। प्रदेश की 7 हजार से अधिक बैंक शाखाएं और करीब 40 हजार बैंक अधिकारी-कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे।

ग्राहकों को हो सकती है परेशानी

चार दिन तक बैंक बंद रहने से नकद निकासी, चेक क्लीयरेंस, शाखा आधारित लेनदेन और अन्य बैंकिंग कार्य प्रभावित रहेंगे। हालांकि, एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहने की संभावना है, लेकिन ग्राहकों को पहले से जरूरी काम निपटाने की सलाह दी जा रही है।

यूएफबीयू का बयान

यूएफबीयू मध्यप्रदेश के कॉर्डिनेटर वी.के. शर्मा ने बताया कि बारहवें द्विपक्षीय वेतन पुनरीक्षण के दौरान भारतीय बैंक संघ ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर सैद्धांतिक सहमति दी थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण बैंक कर्मचारी मजबूरन आंदोलन के रास्ते पर उतरे हैं।

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