निवाड़ी।
महाराजा खेतसिंह खंगार जयंती के अवसर पर ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर गढ़कुण्डार में आयोजित गढ़कुण्डार महोत्सव का शुभारंभ गरिमामय वातावरण में हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने दीप प्रज्ज्वलन कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने माता गजानन एवं महाराजा खेतसिंह खंगार के चित्र पर माल्यार्पण किया तथा कन्या पूजन कर महोत्सव की शुरुआत की।
गढ़कुण्डार महोत्सव के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री एवं निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री श्री नारायन सिंह कुशवाह ने की। समारोह में विधायक निवाड़ी श्री अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि श्री राजेश पटेरिया, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल यादव, जनप्रतिनिधिगण एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे, पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया, सीईओ जिला पंचायत श्री रोहन सक्सेना, एसडीएम सुश्री मनीषा जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
27 से 29 दिसंबर तक तीन दिवसीय आयोजन
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के तत्वाधान एवं जिला प्रशासन निवाड़ी के सहयोग से महाराजा खेतसिंह खंगार जयंती के उपलक्ष्य में 27 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 तक गढ़कुण्डार में तीन दिवसीय महोत्सव एवं मेला आयोजित किया जा रहा है। प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां होंगी।

27 दिसंबर 2025, शनिवार को
श्री सुमित दुबे एवं साथी, नरसिंहपुर द्वारा बुंदेली लोक गायन,
श्री विनोद साहू एवं साथी, जबलपुर द्वारा आल्हा गायन,
एवं चरणजीत सिंह सांधी एवं साथी, मुंबई द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी गई।

28 दिसंबर 2025, रविवार को
श्री चन्द्रसिंह कुशवाह, निवाड़ी द्वारा पारंपरिक लोकनृत्य बधाई, बरेदी एवं नौरता,
श्री रामस्थ पाण्डेय एवं साथी, उन्नाव द्वारा आल्हा गायन,
तथा श्री दिनेश सोनी एवं साथी, ग्वालियर द्वारा महाराजा खेतसिंह के इतिहास पर आधारित गायन प्रस्तुत किया जाएगा।
29 दिसंबर 2025, सोमवार को
श्री राजेश लिटौरिया, दतिया (दीपशिखा मंच) द्वारा लोकनाट्य वीरांगना केसरदेई का मंचन,
एवं श्री लक्ष्य कपूर एवं साथी, मुंबई द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी।
गढ़कुण्डार महोत्सव का ऐतिहासिक महत्व
गढ़कुण्डार महोत्सव मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले का एक प्रतिष्ठित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2006 में संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से की गई थी। यह महोत्सव महाराजा खेतसिंह खंगार की जयंती के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 27 से 29 दिसंबर तक आयोजित किया जाता है। तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान विशाल मेला भी लगता है, जिसमें स्थानीय हस्तशिल्प, लोकसंस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया जाता है।
गढ़कुण्डार महोत्सव न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय कलाकारों को राष्ट्रीय मंच भी प्रदान करता है।