महाविद्यालय में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर कार्यक्रम !

Spread the love

शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय सागर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष और विश्व मानव अधिकार दिवस के अवसर पर प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण एवं व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता ने की।

मुख्य अतिथि के रूप में गुरुद्वारा सिंघसभा सागर के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरबचन सिंह और विशिष्ट अतिथियों के तौर पर गुरुसिंघ सभा सागर के प्रधान सतिंदर सिंह होरा तथा वरिष्ठ समाजसेवी सरदार जितेंद्र सिंह चावला उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता और महाविद्यालय के शिक्षकों ने किया। मंच पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने धर्मनिरपेक्षता और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे गुरु साहिब के मूल्य और उनके द्वारा दिए गए बलिदान को जीवन में अपनाएँ।

प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान केवल सिख इतिहास का नहीं, बल्कि पूरे भारत के धर्मनिरपेक्षता इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे उनके बलिदान का महत्व समझें और इसे जीवन में उतारें।

विशिष्ट अतिथियों ने भी गुरु साहिब के बलिदान को सभी धर्मों के बीच एकता और सामाजिक सहिष्णुता का प्रेरणा स्रोत बताया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. संदीप सबलोक ने गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी इतिहास से जुड़े रोचक तथ्य साझा किए।

कार्यक्रम में भाषण, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को मेडल और पुरस्कार प्रदान किए गए। भाषण प्रतियोगिता में सोनाली चौरसिया, सुदीप तिवारी और नेहा तिवारी, निबंध में बलदाऊ यादव, सोनाली चौरसिया और शिवानी तिवारी, और पोस्टर प्रतियोगिता में समीक्षा अहिरवार, राली पटेल और मुनि वैद्य को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र-छात्राएं और एनसीसी कैडेट्स सहित लगभग 300 विद्यार्थी उपस्थित रहे। इसके बाद मानवाधिकार दिवस क्विज प्रतियोगिता और मानव शृंखला का आयोजन भी किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के कई शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *