इंदौर। तिलक नगर पुलिस ने संपत्ति विवाद के मामले में कोर्ट के निर्देश पर देवास निवासी ओमप्रकाश जायसवाल सहित कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपी ने अपनी मृत मां पार्वती बाई की संपत्ति को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बाकी सात भाई-बहनों को अनजान रखते हुए भूखंड बेच दिया।

शिकायतकर्ता अजय जायसवाल ने पुलिस को बताया कि उनके भाई ओमप्रकाश ने असत्य शपथपत्र और अन्य दस्तावेज बनवाकर खुद को मां का एकमात्र कानूनी वारिस बताते हुए नगर निगम में संपत्ति कर का खाता खुलवाया। इसके आधार पर वर्ष 1995 में महादेव तोतला नगर स्थित भूखंड का नामांतरण भी करवा लिया।
परिवार के अनुसार माता-पिता ने कभी भी ओमप्रकाश को उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया था। दोनों का निधन क्रमशः 2006 और 2007 में हुआ था। इसके बावजूद आरोपी वर्षों तक संपत्ति अपने कब्जे में रखता रहा।
आरोप है कि वर्ष 2022 में ओमप्रकाश और उसकी बेटी ने यह प्लॉट दीपा पति राहुल चौहान के नाम बेच दिया। बाद में खरीदार ने यहां स्क्रैप व्यापारी को गोदाम के रूप में किराए पर दे दिया। शिकायत में कहा गया है कि खरीदार राहुल चौहान को विवाद व धोखाधड़ी की जानकारी पहले से थी। जून 2024 में ओमप्रकाश, राहुल और उनके सहयोगियों ने मिलकर नया विक्रय पत्र तैयार किया। मामले में आरोपी के दामाद अमित और कपिल की भूमिका भी सामने आई है।
2024 में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर अजय ने कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट के आदेश पर तिलक नगर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।