मोतीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 75 हजार रुपए की एमडी ड्रग्स जब्त, महिला सहित दो गिरफ्तार; सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज !

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सागर। सागर जिले की मोतीनगर थाना पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 16.45 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई जा रही है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस ड्रग्स के स्रोत और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार कार्रवाई मुखबिर से मिली एक महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर की गई। सूचना में बताया गया था कि भोपाल रोड स्थित बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति अवैध एमडी ड्रग्स बेचने की फिराक में खड़ा हुआ है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मोतीनगर थाना पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और मौके पर रवाना किया।

पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम सौरभ उर्फ रॉबिन पिता ओमकार पांडेय, उम्र 30 वर्ष, निवासी तिरूपतिपुरम कॉलोनी सागर बताया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके कब्जे से 13.61 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) बरामद हुई। बरामद ड्रग्स की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 हजार रुपए आंकी गई है।

ड्रग्स बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी सौरभ उर्फ रॉबिन पांडेय को गिरफ्तार कर थाना लाया और उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने उससे ड्रग्स के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क के संबंध में पूछताछ शुरू की।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। जांच के दौरान उसने एक महिला का नाम सामने रखा, जो कथित रूप से ड्रग्स सप्लाई के इस नेटवर्क से जुड़ी हुई थी। आरोपी द्वारा दी गई जानकारी और जांच में मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने शैलजा सोनी नामक महिला को हिरासत में लिया।

पुलिस द्वारा महिला की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 2.84 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 15 हजार रुपए बताई गई है। इसके बाद पुलिस ने महिला को भी प्रकरण में आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह मामला केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं है। अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और सप्लाई में अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आ रही है। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो जिले और आसपास के क्षेत्रों में ड्रग्स की आपूर्ति कर रहा है।

मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार प्रयास कर रही है। फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद एमडी ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय थे या नहीं। आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

एमडी ड्रग्स, जिसे मेफेड्रोन के नाम से भी जाना जाता है, एक खतरनाक सिंथेटिक मादक पदार्थ है। इसका सेवन करने से व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। हाल के वर्षों में युवाओं के बीच इस प्रकार के नशीले पदार्थों का चलन बढ़ने से पुलिस और प्रशासन की चिंता भी बढ़ी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी मादक पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान ड्रग्स सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ इस अवैध नेटवर्क से जुड़े और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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