रुद्राक्ष धाम में 31 से श्रीराम कथा का शुभारंभ !

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सागर।
सागर के प्रसिद्ध रुद्राक्ष धाम मंदिर परिसर में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक सप्त दिवसीय श्रीराम कथा एवं दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचक पं. प्रेमभूषण महाराज द्वारा श्रीराम कथा का वाचन किया जाएगा।

कार्यक्रम के मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह हैं, जिन्होंने आयोजन स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

15 एकड़ में सजा भव्य आयोजन स्थल

आयोजन की तैयारियां लगभग 15 एकड़ भूमि पर की गई हैं। रुद्राक्ष धाम के सामने स्थित स्टेडियम में एक लाख श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता वाला विशाल पंडाल तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कथा पंडाल में 14 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिससे दूर बैठे श्रद्धालु भी कथा का सीधा प्रसारण देख सकें।

पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

व्यापक सुविधाएं और सुरक्षा इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर—

  • पेयजल व्यवस्था
  • अस्थायी अस्पताल
  • स्वच्छता व्यवस्था
  • महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग 100-100 शौचालय
  • आठ से अधिक पार्किंग स्थल
  • सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सुरक्षा निगरानी

की समुचित व्यवस्था की गई है।

जूता-चप्पल सुरक्षा की अनूठी व्यवस्था

हरे माधव सेवा समिति, सागर एवं खुरई द्वारा निशुल्क जूता-चप्पल सुरक्षा सेवा प्रदान की जा रही है। इस सेवा में करीब 300 स्वयंसेवक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

अखंड कीर्तन और यज्ञशाला

पूरे आयोजन के दौरान सातों दिन 24 घंटे अखंड कीर्तन के लिए अलग से पंडाल बनाया गया है। इसके साथ ही यज्ञशाला का निर्माण किया गया है, जहां नियमित रूप से हवन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं।

कथा का समय

श्रीराम कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक व्यासपीठ से किया जाएगा।

वीआईपी व्यवस्था और कंट्रोल रूम

बाहर से आने वाले संत-महात्माओं एवं विशिष्ट अतिथियों के लिए दो वीआईपी कक्ष बनाए गए हैं। आयोजन की सभी व्यवस्थाओं की निगरानी एवं समन्वय के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।

1 फरवरी को होगी प्राण-प्रतिष्ठा

पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए उनके पिता स्वर्गीय अमोल सिंह द्वारा 18.16 एकड़ भूमि दान की गई थी। इसी भूमि पर वर्ष 2014 में श्री राधा-कृष्ण मंदिर का निर्माण हुआ था और अब श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर का भव्य निर्माण पूर्ण हुआ है।

उन्होंने बताया कि 1 फरवरी रविवार को दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन प्रस्तावित है।

बिना किसी सहयोग के संचालित आयोजन

भूपेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण, दैनिक व्यवस्थाओं एवं धार्मिक आयोजनों के लिए किसी से भी कोई आर्थिक सहयोग नहीं लिया गया है। सभी व्यवस्थाएं स्वयं की ओर से संचालित की जा रही हैं।

श्रद्धालुओं से अपील

आयोजकों ने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने, व्यवस्थाओं में सहयोग करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है, ताकि यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और शांति के साथ संपन्न हो सके।

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