रेलवे भूमि पर सख्त कार्रवाई: कलेक्टर के निर्देश पर हटाया गया अतिक्रमण !

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जिले में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर रेलवे की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर भूमि को पुनः रेलवे विभाग को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई ग्राम रंगोली में की गई, जहां कुछ व्यक्तियों द्वारा लंबे समय से अवैध कब्जा कर रखा था।

प्रशासन का सख्त संदेश: अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं

इस कार्रवाई के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए एसडीएम श्री अमन मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व और प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की।

मौके पर मौजूद रहा प्रशासनिक अमला

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान तहसीलदार श्री राहुल गौड़ सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

रेलवे भूमि को कराया गया मुक्त

ग्राम रंगोली में रेलवे की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के बाद संबंधित भूमि को विधिवत रेलवे विभाग को सौंप दिया गया। इससे भविष्य में रेलवे की परियोजनाओं और विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। यह कदम सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और विकास कार्यों को गति देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई

एसडीएम श्री अमन मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि ग्राम रंगोली में कुछ लोगों द्वारा रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। इस सूचना के आधार पर जांच की गई और अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई।

कानूनी प्रक्रिया का पालन

अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए थे और उन्हें स्वयं कब्जा हटाने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई न होने पर प्रशासन ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए अतिक्रमण हटाया। यह पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत की गई।

भविष्य में होगी सतत निगरानी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी। शासकीय और सार्वजनिक भूमि पर नजर रखने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। साथ ही स्थानीय नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अवैध कब्जे की सूचना प्रशासन को दें।

जनहित और विकास को प्राथमिकता

यह कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जनहित और विकास कार्यों को प्राथमिकता देना है। रेलवे जैसी महत्वपूर्ण संस्था की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक कदम है।

लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया

जहां एक ओर कुछ लोगों ने इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता का उदाहरण बताया, वहीं प्रभावित लोगों में असंतोष भी देखा गया। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और इसमें किसी प्रकार की मनमानी नहीं की गई।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर की गई यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही को दर्शाती है। शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, लेकिन सागर प्रशासन ने इसे सफलतापूर्वक पूरा कर यह साबित किया है कि कानून का पालन सर्वोपरि है। यदि इसी प्रकार सख्ती और निरंतरता बनी रही, तो जिले में अवैध कब्जों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

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