लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: सावधानी ही सुरक्षा, आमजन को एडवाइजरी जारी !

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सागर,
भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए ‘हीट वेव’ (लू) से बचाव को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। हीट वेव का प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से पड़ सकता है, इसलिए समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लू लगने पर व्यक्ति में कई प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, बेहोशी, शरीर में ऐंठन और नब्ज का असामान्य होना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत प्राथमिक उपचार देना और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।

लू लगने पर तुरंत क्या करें

यदि किसी व्यक्ति को लू लगने के लक्षण दिखें तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर लिटाएं। उसके कपड़े ढीले कर दें ताकि शरीर को ठंडक मिल सके। उसे ठंडे पेय पदार्थ जैसे पानी, नींबू पानी या कच्चे आम का पना पिलाएं। शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां रखें और जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर इलाज कराएं।

क्या करें (Do’s)

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है—
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। यात्रा के दौरान पानी साथ रखें। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए छाछ, ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें। सूती, ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय सिर को ढंककर रखें और टोपी, गमछा या छतरी का उपयोग करें।
खानपान में तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फल-सब्जियों को शामिल करें। घर से निकलने से पहले भरपेट और ताजा भोजन करें तथा दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।

क्या न करें (Don’ts)

धूप में खाली पेट बाहर न निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। ज्यादा मिर्च-मसालेदार या बासी भोजन से परहेज करें। कूलर या एयर कंडीशनर से निकलकर सीधे तेज धूप में जाने से बचें, क्योंकि इससे शरीर पर अचानक तापमान का प्रभाव पड़ता है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलना टालें और नंगे पैर बाहर न जाएं। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर भी लू का खतरा अधिक रहता है, इसलिए वहां जाने से बचें।

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय सागर द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने और आवश्यक उपचार व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अधीनस्थ स्टाफ को लू से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा गया है।

विशेष रूप से रखें इनका ध्यान

स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से शिशुओं, छोटे बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, मानसिक रोगियों और उच्च रक्तचाप के मरीजों का अधिक ध्यान रखने की अपील की है। ये वर्ग लू के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए इनके लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बढ़ती गर्मी के इस दौर में सतर्क रहें और छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें। याद रखें—लू से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है।

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