वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल क्वालिफायर-2 मुकाबले से पहले बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनके लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा टीम की जीत मायने रखती है। 15 साल के इस युवा बल्लेबाज ने कहा कि अगर उनकी टीम जीतती है, तो उनके लिए 80 रन भी शतक से ज्यादा कीमती हैं।
राजस्थान रॉयल्स के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने JioStar से बातचीत में कहा, “अगर मैं शतक की जगह 80 रन बनाऊं और टीम जीत जाए, तो वह पारी मेरे लिए 100 रन से ज्यादा अहम होगी।”
एलिमिनेटर में खेली थी 97 रन की तूफानी पारी
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन बनाए थे। अपनी इस पारी में उन्होंने चौकों और छक्कों की बारिश कर दी थी।
हालांकि वे आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने से केवल 3 रन दूर रह गए। उनकी इस शानदार पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने हैदराबाद को 47 रन से हराकर क्वालिफायर-2 में जगह बनाई।

अब राजस्थान का मुकाबला क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटंस से होना है, जहां एक बार फिर सभी की नजरें इस युवा बल्लेबाज पर टिकी रहेंगी।
पिता की सीख- टीम नहीं जीती तो शतक बेकार
वैभव ने बातचीत के दौरान अपने पिता की सीख का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा कहते हैं कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड की असली कीमत तभी है जब टीम जीत हासिल करे।
वैभव ने कहा, “पापा हमेशा कहते हैं कि चाहे तुम शतक लगाओ, दोहरा शतक लगाओ या तिहरा शतक, अगर टीम नहीं जीतती तो उन रनों का कोई मतलब नहीं है।”
यही वजह है कि कम उम्र में भी वैभव की सोच काफी परिपक्व नजर आती है। क्रिकेट विशेषज्ञ भी उनकी मानसिक मजबूती और टीम फर्स्ट एटीट्यूड की तारीफ कर रहे हैं।
प्रैक्टिस नहीं करने पर लगता है कुछ अधूरा
15 वर्षीय बल्लेबाज ने बताया कि उन्हें लगातार अभ्यास करने की आदत बचपन से ही है। उन्होंने कहा कि अगर वह एक दिन भी नेट्स पर नहीं जाते, तो उन्हें लगता है कि जिंदगी की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
उन्होंने कहा, “बचपन से पापा ने इतनी प्रैक्टिस कराई है कि अब अगर मैं एक दिन भी बैटिंग प्रैक्टिस न करूं तो अजीब लगता है।”
उनकी इसी मेहनत और अनुशासन का असर मैदान पर साफ दिखाई देता है। बेहद कम उम्र में वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
IPL के लिए छोड़ी 10वीं बोर्ड परीक्षा
वैभव सूर्यवंशी ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने आईपीएल की तैयारी के कारण अपनी 10वीं बोर्ड परीक्षा छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले उन्हें अपने खेल पर पूरा ध्यान देना जरूरी लगा।
वैभव के मुताबिक, “मुझे लगा कि लगातार प्रैक्टिस करना जरूरी है क्योंकि आईपीएल करीब था। फॉर्मेट बदल रहा था और मुझे अपने गेम के कई हिस्सों पर काम करना था।”
इतनी कम उम्र में क्रिकेट को लेकर उनका समर्पण और फोकस लोगों को काफी प्रभावित कर रहा है।
रिलैक्स होने के लिए आज भी देखते हैं कार्टून
मैदान पर बेहद आत्मविश्वासी नजर आने वाले वैभव असल जिंदगी में अभी भी एक सामान्य किशोर की तरह हैं। उन्होंने बताया कि तनाव दूर करने और रिलैक्स रहने के लिए उन्हें आज भी कार्टून देखना पसंद है।
वैभव ने कहा, “दो-तीन साल पहले जब मैं घर पर रहता था और मैच या प्रैक्टिस से फ्री होता था, तब कार्टून देखता था। आज भी जब मुझे शांति चाहिए होती है तो कमरे में बैठकर अपने पसंदीदा कार्टून देखता हूं। इससे घर की यादें ताजा हो जाती हैं।”
उनकी यह बात सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है। फैंस वैभव की मासूमियत और सादगी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
IPL में बनाया बड़ा रिकॉर्ड
एलिमिनेटर मुकाबले के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। वे आईपीएल इतिहास में 600 रन बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।
इसके अलावा उन्होंने एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इस सीजन में अब तक उनके नाम 65 छक्के दर्ज हो चुके हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैभव इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले समय में वे भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।