बुंदेलखंड। आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है शिव शक्ति धाम बहेरिया में, जहां महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हर वर्ष इस पावन पर्व पर यहां लगभग 50 हजार से 1 लाख तक श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
भक्ति और सेवा का अनूठा संगम
मंदिर परिसर में आने वाले सभी श्रद्धालु यहां आयोजित विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते हैं। दिनभर चलने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में यज्ञ, हवन, रुद्राभिषेक, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से वातावरण भक्तिमय बना रहता है और देर रात तक मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहता है।
श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए दर्शन करते हैं। भक्तों का मानना है कि जो भी सच्चे मन से यहां भगवान के दर्शन करता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।

71 फीट ऊंची शिव प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
शिव शक्ति धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित 71 फीट ऊंची भव्य शिव प्रतिमा है, जो दूर से ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रतिमा के नीचे 12 ज्योतिर्लिंग स्वरूप में भगवान शिव विराजमान हैं, जहां भक्त एक ही स्थान पर बारहों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का पुण्य प्राप्त करते हैं।
करीब पौने दो एकड़ क्षेत्रफल में फैला यह मंदिर परिसर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
2007 में शुरू हुआ निर्माण
शिव शक्ति धाम बहेरिया के सेवादारी बाबू सिंह राजपूत ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की प्रेरणा से दिल्ली के समाजसेवी पवन जिंदल ने इस पावन स्थान के निर्माण के लिए बुंदेलखंड को चुना, जो क्षेत्रवासियों के लिए गर्व और हर्ष का विषय है।

मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 2007 में प्रारंभ हुआ, और वर्ष 2009 से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए। तब से लेकर आज तक यहां निरंतर भक्तों की आस्था बनी हुई है।
महाशिवरात्रि पर विशेष व्यवस्थाएं
महाशिवरात्रि के अवसर पर सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा और यातायात की विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करते हैं।
शिव शक्ति धाम बहेरिया आज बुंदेलखंड क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां आने वाले हर भक्त के लिए यह स्थल आध्यात्मिक शांति और दिव्य अनुभूति का माध्यम है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर यह धाम श्रद्धा और भक्ति की भव्य मिसाल बन जाता है। 🕉️