श्रीराम कथा व हनुमान प्राण प्रतिष्ठा का होगा भव्य आयोजन, अविराज सिंह ने जन-जन से की सहभागिता की अपील !

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खुरई।
भाजपा युवा नेता अविराज सिंह गढ़ौला जागीर स्थित राज मंदिर के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। यह कथा पं. श्री विपिन बिहारी जी के श्रीमुख से संपन्न हो रही है। इस अवसर पर अविराज सिंह ने जानकारी दी कि सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में आगामी 31 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। इसी दौरान भगवान श्री हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा भी संपन्न होगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इस पावन आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया।

अविराज सिंह ने बताया कि प्रयागराज से पधारे सुप्रसिद्ध श्रीराम कथा वाचक पं. श्री प्रेमभूषण जी महाराज के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक भगवान श्रीराम की दिव्य कथा का रसपान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र के लिए सौभाग्य का विषय है, जहां श्रद्धालु भगवान श्रीराम के आदर्श, मर्यादा और जीवन मूल्यों से प्रेरणा प्राप्त करेंगे।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वे प्रत्येक कार्यक्रम की शुरुआत ईश्वर स्तुति से करते हैं। शिव तांडव स्तोत्र को सनातन धर्म के पवित्र स्तोत्रों में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके श्रवण से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूर्ण भक्ति भाव से स्तोत्र श्रवण करने का अनुरोध किया।

अविराज सिंह ने महाराज जी द्वारा सुरखी क्षेत्र में गौशाला निर्माण को अत्यंत सराहनीय कार्य बताया। उन्होंने गौमाता के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में गौसेवा को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और गौमाता के माध्यम से ही अनेक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने प्रेम, लीला, ज्ञान और युद्ध कौशल—चारों क्षेत्रों में अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि भक्त को चिंता नहीं, बल्कि चिंतन करना चाहिए और अपना भविष्य प्रभु के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए।

संघर्ष पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि संघर्ष ही जीवन को परिपक्व बनाता है। महाभारत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिना संघर्ष के प्राप्त सफलता का कोई मूल्य नहीं होता। साथ ही उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विनम्रता को जीवन का सर्वोत्तम आदर्श बताया।

अंत में अविराज सिंह ने कहा कि यदि भगवान श्रीकृष्ण मित्र हों, तो जीवन में कभी भय नहीं रह सकता।
इस अवसर पर इंद्रराज सिंह राजपूत, अनुराग राजपूत, अविनाश राजपूत सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

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