आईएएस अधिकारी और अजाक्स अध्यक्ष संतोष वर्मा के ब्राह्मण समुदाय को लेकर विवादित बयान के बाद सवर्ण समाज और सपाक्स का गुस्सा फूटा है। वहीं, आजाद समाज पार्टी और जय युवा आदिवासी शक्ति संगठन (जयस) उनके समर्थन में खड़े हैं।
ब्राह्मण समुदाय से जुड़े बीजेपी और कांग्रेस के एक दर्जन से अधिक विधायक, मंत्री और सांसद वर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। पहले वर्मा को नोटिस जारी किया गया था, जिसका उन्होंने जवाब दे दिया है। सरकार इस जवाब की जांच कर रही है।

हाल ही में सामने आए एक वीडियो में संतोष वर्मा कहते नजर आए, “कितने संतोष वर्मा को तुम मारोगे, अब हर घर से एक संतोष वर्मा निकलेगा।” इस वीडियो के वायरल होने के बाद ब्राह्मण समाज फिर लामबंद हो गया है।
राजनीतिक जानकारों और संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार के लिए संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई करना संवेदनशील मामला बन गया है। इस विवाद से राजनीतिक समीकरण और जातीय समीकरण दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
सवाल यही है कि विरोध के बावजूद सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर रही और यह स्थिति आगे कैसे सुलझेगी।