सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में श्रम विभाग की महत्वाकांक्षी ‘संबल 2.0’ योजना की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आमजन से जुड़ी इस कल्याणकारी योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी पात्र आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रमिकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।
7 दिनों में करें पंजीयन स्वीकृत
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और जनपद पंचायतों के कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि पात्र आवेदकों के पंजीयन की स्वीकृति अधिकतम 7 दिनों के भीतर दी जाए, जिससे अनावश्यक पेंडेंसी समाप्त हो सके।

कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय-सीमा का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों पर 1000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
ग्राम पंचायतों में लगेंगे विशेष कैंप
प्रतिभा पाल ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक श्रमिकों को जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी श्रमिक योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैंक खातों की विसंगतियां दूर करने के निर्देश
योजना को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों को बैंक खातों में आ रही विसंगतियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अपात्र व्यक्तियों द्वारा अनुचित तरीके से लाभ लेने के प्रयासों को रोकने के लिए स्क्रूटनी प्रक्रिया मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजीकृत अपीलों और लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को समय पर सहायता मिल सके।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना पर भी जोर
बैठक में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को इस योजना के बारे में जागरूक किया जाए।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद श्रमिकों को प्रतिमाह 3000 रुपए पेंशन देने का प्रावधान है। योजना में श्रमिक जितना अंशदान करता है, उतना ही योगदान केंद्र सरकार द्वारा भी दिया जाता है।
कलेक्टर ने कहा कि 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के वे असंगठित श्रमिक, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपए तक है, इस योजना के लिए पात्र हैं। यह योजना श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में बेहद लाभकारी साबित हो सकती है।