1529 यूनिट रक्तदान के साथ सेवा का महाअभियान बना भूपेन्द्र सिंह का जन्मोत्सव !

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दमोह और टीकमगढ़ को सौंपा गया 130 यूनिट रक्त, चौथे दिन और बढ़ेगा आंकड़ा

सागर। पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित चार दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर ने मानव सेवा का नया इतिहास रच दिया है। शिविर के तीसरे दिन तक कुल 1529 यूनिट रक्त का संग्रह किया जा चुका है, जबकि समापन दिवस पर यह आंकड़ा और अधिक बढ़ने की संभावना है। सागर के होटल ग्रैंड दीपाली के सिग्नेचर हॉल में चल रहे इस महाअभियान में हजारों रक्तवीरों ने हिस्सा लेकर मानवता के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया।

तीसरे दिन के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पत्रिका समाचार पत्र के संपादक नितिन त्रिपाठी ने इस आयोजन को सेवा संस्कार का अद्भुत उदाहरण बताते हुए कहा कि “रक्तदान शिविर वास्तव में एक महाअनुष्ठान है, जहां रक्तदाता देवता बन जाता है।” उन्होंने कहा कि जन्मदिन को जनसेवा और जीवनदान से जोड़ने की जो परंपरा श्री भूपेन्द्र सिंह ने शुरू की है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. राजेन्द्र चउदा ने कहा कि यह आयोजन अब केवल रक्तदान शिविर नहीं, बल्कि मानव सेवा का महाकुंभ बन गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में इस अभियान से लगभग 14 हजार यूनिट रक्त संग्रहित हो चुका है, जिससे करीब 42 हजार लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने रक्तदान को सबसे बड़ा दान बताते हुए कहा कि रक्त का प्रत्येक यूनिट तीन अलग-अलग मरीजों के जीवन बचाने में सहायक होता है, क्योंकि इसमें आरबीसी, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसे तीन प्रमुख कंपोनेंट होते हैं।

डा. चउदा ने रक्तदान से जुड़े भ्रमों को दूर करते हुए कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक प्रक्रिया है। नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण बेहतर होता है, आयरन संतुलन बना रहता है और हृदय रोगों की संभावना कम होती है। उन्होंने जानकारी दी कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में शीघ्र ही 5000 यूनिट क्षमता वाला आधुनिक ब्लड बैंक और ब्लड सेप्रेटर यूनिट शुरू होने जा रही है, जिससे पूरे बुंदेलखंड को बड़ी राहत मिलेगी।

रक्तदान के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश

शिविर में समाज के हर वर्ग की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। पत्रकार, चिकित्सक, अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि, व्यापारी, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में रक्तदान के लिए पहुंचे। पत्रिका समूह से उदय गौतम, रामगोपाल देवलिया और विनय तिवारी ने रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया। खुरई सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. रामजी ठाकुर अपने 12 सदस्यीय स्टाफ के साथ पहुंचे। वहीं भाजपा नेता सीमा राय ने 12 महिला रक्तदाताओं के साथ रक्तदान कर महिला सहभागिता का संदेश दिया।

वरिष्ठ पत्रकार ब्रह्मदत्त दुबे कवरेज के लिए पहुंचे, लेकिन शिविर की प्रेरणा से स्वयं भी रक्तदान किया। कई परिवार सामूहिक रूप से रक्तदान करने पहुंचे, जिससे यह आयोजन सामाजिक एकता और जनसेवा का उत्सव बन गया।

44 महिलाओं ने किया रक्तदान

इस महाअभियान में महिलाओं की सहभागिता भी प्रेरणादायी रही। तीसरे दिन तक कुल 44 रक्त वीरांगनाओं ने रक्तदान किया। इनमें लक्ष्मी लोधी, सीमा राय, प्रियंका चौधरी, गुंजन यादव, रश्मि ऋतुजैन, सिद्धि जैन, नसीम बानो सहित अनेक महिलाओं ने रक्तदान कर समाज में नई जागरूकता का संदेश दिया।

टीकमगढ़ और दमोह को सौंपा गया रक्त

सागर जिला ब्लड बैंक की क्षमता पूर्ण होने के बाद शिविर से एकत्रित रक्त को अन्य जिलों के अस्पतालों तक पहुंचाया गया। पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने समारोहपूर्वक टीकमगढ़ जिला अस्पताल की टीम को 75 यूनिट तथा दमोह जिला अस्पताल की टीम को 55 यूनिट रक्त सौंपा। इस दौरान उन्होंने रक्त की थैलियों को श्रद्धापूर्वक प्रणाम कर रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

टीकमगढ़ से डॉ. विकास जैन, डॉ. अजय चौरसिया और उनकी टीम उपस्थित रही, जबकि दमोह से डॉ. प्रशांत सोनी सहित चिकित्सकीय दल ने रक्त ग्रहण किया। मंच से प्रमाण पत्रों का आदान-प्रदान भी हुआ।

चौथे दिन धर्मगुरु करेंगे शुभारंभ

19 मई मंगलवार को शिविर के चौथे एवं अंतिम दिवस का शुभारंभ विभिन्न धर्मगुरुओं की उपस्थिति में होगा। रामबाग मंदिर के महंत श्री घनश्याम दास जी महाराज, श्री गुरु सिंह सभा सागर के मुख्य ग्रंथी गुरबचन सिंह जी, कथावाचक पं. केशव गिरि जी महाराज और दिगंबर जैन समाज के राजकुमार शास्त्री जी कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

सैकड़ों गणमान्य रहे मौजूद

कार्यक्रम में देवरी विधायक बृजबिहारी पटैरिया, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, पूर्व विधायक महेश राय, पूर्व मंत्री नारायण कबीर पंथी, विभिन्न जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, पत्रकार, अधिवक्ता, समाजसेवी और सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे।

रक्तदान शिविर ने यह साबित कर दिया कि जब जन्मदिन को सेवा और मानवता से जोड़ा जाए, तो वह केवल उत्सव नहीं बल्कि जनकल्याण का महाअभियान बन जाता है।

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