सागर। जिले के गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत के बाद सोमवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने सागर-गढ़ाकोटा मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
मामला ग्राम चनौआ के पास हुए सड़क हादसे से जुड़ा है, जहां तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से कई लोग घायल हो गए थे। गंभीर रूप से घायल युवक अरुण चौबे की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर एकत्रित हो गए और घटना के विरोध में सड़क पर उतर आए।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दोषी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता तथा गांव में स्पीड ब्रेकर निर्माण की मांग की। परिजन शव को सड़क पर रखकर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। चक्काजाम के कारण सागर-गढ़ाकोटा मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और मामले में नियमानुसार जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गोपाल भार्गव ने परिवार को हरसंभव मदद दिलाने की बात कही, जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए और चक्काजाम समाप्त किया गया। लगभग तीन घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका।
5 से अधिक वाहनों को मारी थी टक्कर
पुलिस के अनुसार फरियादी राजाराम लोधी निवासी जरिया खिरिया ने शिकायत दर्ज कराई है कि 13 मई को वह सब्जी लेने ग्राम चनौआ गया था। उसने अपनी बाइक पंचायत भवन के सामने खड़ी की थी। इसी दौरान सागर की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा ट्रक क्रमांक MP 15 G 1978 अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पहुंच गया।
ट्रक चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क किनारे पैदल जा रहे अरुण चौबे को पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी पिकअप, मालवाहक ऑटो और कई बाइकों को भी टक्कर मार दी। हादसे में राजेंद्र काछी सहित कई लोग घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक बेकाबू होकर पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल अरुण चौबे का इलाज चल रहा था। सोमवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गढ़ाकोटा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के पास सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों का खतरा लगातार बना रहता है। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। लोगों ने प्रशासन से गांव के पास स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।