मध्य प्रदेश सरकार ने विद्युत आपूर्ति, बिल वसूली और ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर बदलने के नियमों में संशोधन से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने के लिए मंत्री समूह का गठन किया है। यह समूह 31 अगस्त 2023 तक के संयोजित भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं के 4800 करोड़ रुपए बकाया बिल के वसूली या सरकार द्वारा इसकी भरपाई करने के विकल्प पर निर्णय देगा।
मंत्री समूह में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास एंदल सिंह कंसाना और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शामिल हैं। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा समूह के समन्वयक और अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग सह-समन्वयक होंगे।

समूह का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक सब्सिडी प्रस्ताव में युक्तियुक्तकरण की स्थिति का मूल्यांकन करना और 31 अगस्त 2023 तक की अस्थगित बकाया राशि को विद्युत वितरण कंपनियों तक पहुंचाने या उसकी वसूली के लिए सरकार को सिफारिश देना है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिए पात्रता नियम में संशोधन करने संबंधी सिफारिशें भी इस समूह द्वारा राज्य शासन को प्रस्तुत की जाएंगी।
सरकार का यह कदम बिजली वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्रिमंडलीय समूह जल्द ही अपनी सिफारिशें राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा, जिनसे उपभोक्ताओं और विद्युत कंपनियों दोनों के हितों का संतुलन साधा जा सके।