कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार शासकीय संभागीय आईटीआई, सागर में “कौशल दीक्षांत समारोह” बड़े हर्ष और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम देशभर में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं को कौशल प्रमाणपत्र प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए सशक्त बनाना था।

संस्था प्राचार्य श्री अशोक डागौर ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह प्रमाणपत्र केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का प्रतीक है।
दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण संस्था परिसर में भी दिखाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता को युवाओं की शक्ति बताते हुए उन्हें उद्योग जगत की नई आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में सभी सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। उनके अभिभावक भी इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने और अपने बच्चों की उपलब्धियों पर गर्व महसूस किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण अधीक्षक श्री लखन अहिरवार, प्रशिक्षण अधिकारी राकेश और सभी कार्यालयीन स्टाफ की सक्रिय उपस्थिति रही।
संस्था प्राचार्य श्री अशोक डागौर ने बताया कि शासकीय संभागीय आईटीआई, सागर सदैव अपने प्रशिक्षणार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में उद्योगों के साथ साझेदारी कर और अधिक रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थी सीधे उद्योगों से जुड़कर अपने कौशल को और सशक्त बना सकें।
कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण अधिकारी श्री विजय यादव ने किया और आभार प्रदर्शन श्री लखन अहिरवार ने किया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस प्रकार, शासकीय संभागीय आईटीआई, सागर में आयोजित यह कौशल दीक्षांत समारोह प्रशिक्षणार्थियों के जीवन का यादगार पल बनकर और कौशल भारत मिशन की दिशा में सशक्त कदम साबित हुआ।