सागर।
सागर के ढाना स्थित हवाई पट्टी को पूर्ण हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसे लेकर विमानन विशेषज्ञों एवं जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में विस्तार का रोडमैप तैयार किया गया। योजना के अनुसार वर्तमान में 992 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 1800 मीटर किया जाएगा, जिससे यहां 70 सीटर विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी।
बैठक में शामिल विमानन विशेषज्ञ मनीष सिन्हा ने बताया कि सागर में यात्री और कार्गो ट्रैफिक की व्यापक संभावनाएं हैं। हाल ही में आयोजित इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में 23 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं। इसके अलावा केंद्रीय विश्वविद्यालय, रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, संत रविदास संग्रहालय, बीपीसीएल तथा पावर प्लांट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कारण सागर में हवाई सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

करीब 400 करोड़ रुपये की लागत
कलेक्टर संदीप जी.आर. ने बताया कि एयरपोर्ट टर्मिनल एवं 1800 मीटर रनवे के निर्माण पर लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शासन से स्वीकृति मिलते ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद एयर सर्वे का कार्य भी कराया जाएगा।
विशेषज्ञों और उद्योगपतियों की सहभागिता
बैठक में अपर कलेक्टर अविनाश रावत, अर्न्स्ट एंड यंग के डायरेक्टर अंशुमन श्रीवास्तव, अनुभव अरोड़ा, एसडीएम अमन मिश्रा सहित कई उद्योगपति एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने सागर में हवाई सेवा के विस्तार को क्षेत्र के औद्योगिक, पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक बताया।