सागर। शहर के प्रमुख और ऐतिहासिक सिविल लाइन चौराहे का नाम बदलकर अब भगवान परशुराम चौराहा किए जाने की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस अवसर पर चौराहे पर विधिवत भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन संपन्न कराया गया। इस दौरान पूरा वातावरण भगवान परशुराम के जयकारों से गूंज उठा। लोगों ने इस अवसर को शहर के सांस्कृतिक इतिहास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण क्षण बताया।

भूमि पूजन कार्यक्रम में सागर महापौर संगीता सुशील तिवारी, सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, नगर निगम के पार्षद, भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और शहर के प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए।
इस मौके पर महापौर संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि सिविल लाइन चौराहा अंग्रेजी शासनकाल की मानसिकता और नामकरण का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा,
“भारत की पहचान उसकी सनातन और गौरवशाली संस्कृति से है। अब समय आ गया है कि हम औपनिवेशिक सोच से जुड़े नामों को हटाकर अपने महापुरुषों और सांस्कृतिक प्रतीकों के नाम पर सार्वजनिक स्थलों का नामकरण करें।”
महापौर ने बताया कि नगर निगम द्वारा विधिवत प्रस्ताव पारित कर सिविल लाइन चौराहे का नाम भगवान परशुराम चौराहा करने का निर्णय लिया गया है।

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति के ऐसे महान व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और धर्म की स्थापना का संदेश दिया।
“उनके नाम पर चौराहे का नामकरण आने वाली पीढ़ियों को भारतीय इतिहास, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करेगा,” उन्होंने कहा।
नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल भौतिक विकास नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक चेतना को भी सशक्त करना है।
“शहर के सार्वजनिक स्थलों का नामकरण हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है,” उन्होंने कहा।

भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे समाज में सांस्कृतिक गौरव और आत्मसम्मान की भावना को बल मिलेगा। कार्यक्रम में मौजूद सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे भारतीय संस्कृति के सम्मान की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, भूमि पूजन के बाद जल्द ही चौराहे के सौंदर्यीकरण, नामपट्टिका स्थापना और अन्य विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। भविष्य में यहां भगवान परशुराम की प्रतिमा और सांस्कृतिक प्रतीकों को स्थापित किया जाएगा, जिससे यह चौराहा शहर की नई पहचान और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित हो सके।