मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार सागर जिला पंचायत कार्यालय में सामान्य सभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य श्रीमति रानी कुशवाहा ने बैठक की अध्यक्षता की और कई अहम प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की शुरुआत परियोजना अधिकारी मनरेगा द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के उद्देश्यों और उसके सकारात्मक प्रभावों की जानकारी देने के साथ हुई। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जिले में जल संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। मनरेगा योजना के अंतर्गत कुल 8257 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 6446 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 1811 कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। इन कार्यों का उद्देश्य जल स्तर को बढ़ाना, भूजल संरक्षण करना और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

बैठक के दौरान सदस्यों ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर भी विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा से पहले सर्वसम्मति से जिला पंचायत सदस्य श्रीमति रानी कुशवाहा को बैठक की अध्यक्षता के लिए मनोनीत किया गया। उनके नेतृत्व में इस अधिनियम पर गहन चर्चा हुई।
अध्यक्षता करते हुए श्रीमति रानी कुशवाहा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका को सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
चर्चा के उपरांत ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को सामान्य सभा में ध्वनिमत से सर्वसम्मति के साथ पारित किया गया। इस मौके पर उपाध्यक्ष जिला पंचायत देवेन्द्र सिंह राजपूत ने कहा कि नारी सशक्तिकरण ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत है और यह अधिनियम उसी दिशा में एक मजबूत पहल साबित होगा।

वहीं, अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से जमीनी स्तर पर महिलाओं के नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा। इससे महिलाएं न केवल राजनीतिक क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनकी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अवसर देना एक सशक्त और समृद्ध समाज की नींव है।
बैठक में अन्य समसामयिक विषयों पर भी चर्चा की गई और विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। अध्यक्ष द्वारा यह भी बताया गया कि आगामी समय में एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल निगम एवं सिंचाई विभाग से संबंधित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। इससे विकास कार्यों की गति को और तेज किया जा सकेगा।

कुल मिलाकर, यह बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों और योजनाओं के साथ संपन्न हुई, जिसमें जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों को प्राथमिकता दी गई। जिला पंचायत की इस पहल से न केवल विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।