सागर,मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत महिलाओं को उत्पादक समूहों के रूप में संगठित कर उन्हें अपने उत्पाद सीधे मंडी और बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके और उनका लाभ सीधे महिला समूहों को प्राप्त हो।
वर्तमान में सब्जी उत्पादक, फल उत्पादक और अन्य फसल उत्पादक महिला किसान अपने उत्पाद ग्राहकों तक बिचौलियों के माध्यम से पहुंचाती हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इस व्यवस्था को बदलते हुए अब महिला उत्पादक समूह स्वयं अपने उत्पादों की खरीद कर उन्हें मंडी, कंपनियों या सीधे ग्राहकों तक पहुंचाएंगे। इससे बिचौलियों द्वारा कमाया जाने वाला लाभ सीधे महिला समूहों को मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

प्रत्येक समूह में होगी एक ‘उद्योग सखी’
इस पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रत्येक उत्पादक समूह में एक-एक ‘उद्योग सखी’ रखने का प्रावधान किया गया है। उद्योग सखी का कार्य महिलाओं को व्यवसायिक परामर्श (बिजनेस कंसल्टेंसी) देना होगा। वे मंडी, दूरस्थ बाजारों, मंदिरों, व्यापारियों और कंपनियों से संपर्क कर प्रतिदिन के भाव (रेट) की जानकारी जुटाएंगी और समूहों को अधिक लाभ दिलाने में सहयोग करेंगी।
दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
इसी क्रम में आजीविका भवन, खुरई में उद्योग सखियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में मालथौन, खुरई और सागर विकासखंडों की लगभग 32 महिलाओं ने भाग लिया।

उद्यमिता और बाजार प्रबंधन की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उद्यमिता विकास, थोक एवं खुदरा बाजारों तक पहुंचने की तकनीक, ग्रेडिंग और पैकेजिंग, तथा उत्पादों की गुणवत्ता के अनुसार विपणन की जानकारी दी गई।
महिलाओं को बताया गया कि—
- ए ग्रेड उत्पादों को बड़ी मंडियों में भेजा जाए
- बी और सी ग्रेड उत्पादों को नजदीकी मंडियों में बेचा जाए
- डी ग्रेड उत्पादों का स्थानीय स्तर पर उपयोग या प्रसंस्करण कर मूल्यवर्धन करते हुए पैकिंग के साथ बाजार में बेचा जाए
इसके साथ ही महिलाओं को मंडी लाइसेंस, व्यापार लाइसेंस, आवश्यक अनुमतियों और नियमों की भी जानकारी दी गई, ताकि वे अपने व्यवसाय को कानूनी रूप से मजबूत बना सकें।
महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम
आजीविका मिशन के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि सशक्त उद्यमी बनाना है। उद्योग सखी के माध्यम से महिलाओं को बाजार की सही जानकारी मिलेगी, जिससे वे सही समय पर सही स्थान पर अपने उत्पाद बेचकर अधिक मुनाफा कमा सकेंगी।
यह पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर भी प्रदान करेगी।