सागर जिले के शाहगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम दुलचीपुर से एक अत्यंत गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार पर सामूहिक हमला, जानलेवा मारपीट और महिला से दुष्कर्म के प्रयास के आरोप लगे हैं। पीड़ित चन्द्रभान यादव ने पूरे मामले को लेकर आज सागर पुलिस अधीक्षक को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
पीड़ित चन्द्रभान यादव (35) ने ज्ञापन में बताया कि वह एक शांतिप्रिय किसान है और कृषि कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। 4 जनवरी 2026 को ग्राम के ही रामकेश यादव, सुखनंदन यादव, राघवेन्द्र यादव सहित अन्य लोगों ने एक राय होकर कुल्हाड़ी, कतरना से उनके परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में चन्द्रभान यादव के सिर और दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनके दोनों हाथों में फ्रैक्चर हो गया। इस घटना की रिपोर्ट 6 जनवरी को थाना छानबीला में दर्ज की गई, जिसमें अपराध क्रमांक 4/2026 दर्ज है, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने दबाव में आकर सभी आरोपियों के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए।

ज्ञापन में बताया गया कि इसी हमले के दौरान बालचंद यादव के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनके सिर और हाथों में गंभीर चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें शाहगढ़ अस्पताल से सागर मेडिकल कॉलेज और फिर भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया। 14 जनवरी को छुट्टी मिलने के बाद फिर से हालत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर याददाश्त खो बैठे। वर्तमान में बालचंद यादव सागर मेडिकल कॉलेज में गंभीर अवस्था में भर्ती हैं और उनका जीवन खतरे में बताया जा रहा है।

मामले में सबसे गंभीर आरोप महिला से दुष्कर्म के प्रयास का है। पीड़ित परिवार की बहू ने आरोप लगाया कि आरोपी गोविन्द यादव ने उसे बुरी नीयत से पकड़कर घर के अंदर खींचने का प्रयास किया। जब वह सफल नहीं हुआ तो उसने सार्वजनिक रूप से महिला का सीना दबाया और गाल में काट लिया। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान अन्य आरोपी भी मौजूद थे और उन्होंने इस कृत्य में सहयोग किया, लेकिन पुलिस ने एफआईआर में महिला से संबंधित कोई गंभीर धारा नहीं जोड़ी।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाना छानबीला पुलिस ने घटना की गंभीरता को कम करके रिपोर्ट दर्ज की और रामकेश, सुखनंदन और राघवेन्द्र जैसे नामजद आरोपियों को बचाया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 307 (प्राणघातक हमला), 70 (सामूहिक बलात्कार का प्रयास) सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं और सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

पीड़ित परिवार ने यह भी आशंका जताई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपी फिर से हमला कर सकते हैं और परिवार की जान को खतरा बना रहेगा। इसी कारण उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच का आश्वासन दिया गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में कितनी तेजी से और निष्पक्ष कार्रवाई करता है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
[ संवाददाता – अर्पित सेन ]
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