सागर।
सागर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के ठेकेदार अजय सिंह लोधी ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि सागर कलेक्टर संदीप जीआर अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। ठेकेदार का कहना है कि उनके द्वारा किए गए निर्माण कार्यों का भुगतान रोक दिया गया है और उनके साथ दबाव और धमकियां दी जा रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि उनके वाहनों के परमिट निरस्तीकरण और झूठे प्रकरण बनाए जा रहे हैं।
95% कार्य पूरा, लाखों का भुगतान लंबित
अजय सिंह लोधी ने कहा कि उनकी फर्म अजय बिल्डकॉन सागर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कई निर्माण कार्य कर रही है। इसमें पैकेज-2 के तहत सोमनाथपुरम से किशोर न्यायालय व राजघाट चौराहा से न्यू बस स्टैंड रोड का निर्माण, वर्णी कॉलोनी से डिंपल पेट्रोल पंप मार्ग की रिसर्फेसिंग और रिडेवलपमेंट कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि कार्य लगभग 95% पूर्ण हो चुका है, लेकिन केवल 247.81 लाख रुपये का आंशिक भुगतान किया गया है। जबकि पैकेज-2 से संबंधित अन्य बिलों में 477.45 लाख रुपये और 605.42 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। कुल मिलाकर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 10.82 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक नहीं किया गया।
कलेक्टर निवास में किया गया निर्माण, भुगतान नहीं
ठेकेदार ने आरोप लगाया कि नवंबर 2024 में कलेक्टर संदीप जीआर ने उन्हें अपने शासकीय निवास परिसर में बुलाकर सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए निर्देश दिए। इस कार्य का व्यय करीब 20 लाख रुपये था। ठेकेदार ने कहा कि काम पूरा होने के बावजूद यह राशि भुगतान नहीं की गई। उनके पास कार्य का फोटोग्राफ भी मौजूद है।
धमकियां और झूठे प्रकरण
अजय सिंह लोधी ने आरोप लगाया कि भुगतान को लेकर शिकायत करने पर उनके खिलाफ झूठे प्रकरण बनाये जा रहे हैं। हाल ही में मुरम के अवैध उत्खनन का केस बनाकर जुर्माना लगाया गया और वाहनों के परमिट निरस्त कर दिए गए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नगरीय प्रशासन विभाग समेत कई जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कलेक्टर का कोई बयान नहीं
अजय सिंह लोधी ने कहा कि कलेक्टर संदीप जीआर से इस मामले में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं किया।