रहली थाना क्षेत्र के ग्राम छिरारी में सियार के काटने से घायल हुए 21 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना को 13 दिन बीत जाने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और रविवार को उपचार के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। घटना से गांव में शोक का माहौल है, वहीं परिवार गहरे सदमे में है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान मनोज पिता जमना रैकवार, उम्र 21 वर्ष निवासी छिरारी के रूप में हुई है। मनोज 3 नवंबर की रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था। रात करीब 2 बजे एक सियार उसके हाथ की उंगली को काटकर भाग गया। मनोज दर्द से चिल्लाया तो परिवार के लोग बाहर आए और सियार को भगाया। सुबह परिजन उसे उपचार के लिए रहली अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी स्थिति में खास सुधार नहीं आया।
14 नवंबर को मनोज की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिस पर परिवार उसे सागर के भाग्योदय अस्पताल ले गया। डॉक्टरों ने बताया कि सियार के काटने से शरीर में गंभीर संक्रमण (इंफेक्शन) फैल गया है और तत्काल बेहतर इलाज की जरूरत है। इसके बाद उसे बीएमसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मनोज को भोपाल रेफर कर दिया।
लेकिन परिजनों के पास आर्थिक संकट के चलते वह मनोज को तुरंत भोपाल नहीं ले जा सके और उसे वापस घर ले आए। परिवार घर से भोपाल ले जाने की तैयारी कर ही रहा था कि मनोज की हालत फिर बिगड़ गई। उसे तुरंत रहली अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। रहली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा, हालांकि प्रारंभिक रूप से सियार के काटने से हुआ संक्रमण ही मौत का कारण माना जा रहा है।
गांव में युवा की अचानक हुई मौत से दुख का माहौल है और परिवार आर्थिक संकट के बीच अपने बेटे को खो देने की पीड़ा में डूबा है।