सागर जिले में आयोजित जिला स्तरीय पेयजल समीक्षा बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाते हुए दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए की गई है।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में 27 मई को जिला स्तरीय पेयजल समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में जिले के संबंधित विभागीय अधिकारियों को पूर्व में नियमानुसार सूचना भेजी गई थी, ताकि सभी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें और पेयजल व्यवस्था की समीक्षा में भाग ले सकें।
इसके बावजूद मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद खुरई तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत रहली बैठक में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस संबंध में कोई पूर्व सूचना या अनुमति दी गई। उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इसे शासकीय दायित्वों के प्रति उदासीनता माना है।

सूचना पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहना शासकीय कार्यों में लापरवाही को दर्शाता है। इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। साथ ही यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दंडनीय श्रेणी में आता है।
कलेक्टर कार्यालय द्वारा दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि वे नोटिस प्राप्ति के तीन दिनों के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। उनसे यह भी अपेक्षा की गई है कि वे अनुपस्थिति का उचित कारण स्पष्ट करें।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अमले में भी हलचल देखी जा रही है और अधिकारियों को समय पर बैठक में उपस्थिति और जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए सख्त संदेश दिया गया है।