सागर। सागर जिले के औद्योगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। शासन ने सिदगुंवा क्षेत्र में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह बहुप्रतीक्षित परियोजना क्षेत्रीय विधायक शैलेंद्र कुमार जैन के सतत और प्रभावी प्रयासों का परिणाम है, जो लंबे समय से शासन स्तर पर इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर लाने के लिए सक्रिय थे।
फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना सिदगुंवा में लगभग 32.66 एकड़ भूमि पर की जाएगी। परियोजना के प्रथम चरण में ₹36 करोड़ की लागत से सड़क, नाली, बिजली, जल निकासी सहित अन्य आवश्यक आधारभूत अधोसंरचना विकसित की जाएगी, जिसका कार्य मार्च माह तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही इस क्लस्टर में ₹100 करोड़ से अधिक के निजी निवेश का प्रस्ताव है, जिससे सागर जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।

इस फर्नीचर क्लस्टर में 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसके माध्यम से लगभग 3000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए युवाओं को फर्नीचर निर्माण, मशीन संचालन एवं आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
अब तक सागर जिले के टिंबर व्यवसायी केवल कच्ची लकड़ी का अन्य शहरों में निर्यात करते थे, जबकि फर्नीचर निर्माण का लाभ दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों को मिलता था। फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के बाद अब सोफा, कुर्सी, डाइनिंग टेबल, लकड़ी के सजावटी सामान, आधुनिक फर्नीचर एवं फर्नीचर मशीनरी से जुड़ी इकाइयां सागर में ही स्थापित होंगी। इससे स्थानीय व्यापारियों और कारीगरों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और सागर को फर्नीचर उद्योग के एक नए केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी।
क्लस्टर के अंतर्गत शहर की सभी आरा मशीनें एवं टिंबर व्यापारी शहर से बाहर स्थानांतरित किए जाएंगे। इससे शहर में होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी, ध्वनि एवं वायु प्रदूषण में कमी आएगी तथा यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी। शासन द्वारा उद्योग स्थापना एवं संचालन के लिए अनुदान, मशीनों पर सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।
विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने टिंबर व्यापारियों के साथ सिदगुंवा स्थित स्थल का निरीक्षण किया और जानकारी दी कि मार्च के अंत तक सड़क एवं नाली सहित सभी मूलभूत अधोसंरचना के कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। भूमि अधिपत्य की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उद्यमियों के चयन हेतु आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी की जाएगी। वर्तमान में यह परियोजना प्रथम चरण में है, जबकि भविष्य में द्वितीय चरण के अंतर्गत क्लस्टर का और विस्तार किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान दिनेश भाई पटेल, पंकज लोडवानी, शिवकुमार भीमसरिया, दिनेश भाई भवानी टिंबर, नितिन लोटवानी एवं महेश राय सहित टिंबर एवं फर्नीचर उद्योग से जुड़े कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, सिदगुंवा में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना सागर जिले को औद्योगिक दृष्टि से नई पहचान दिलाने के साथ-साथ रोजगार सृजन, व्यापार विस्तार और आर्थिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।