सागर।
बुंदेलखंड क्षेत्र को आयुष शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। सागर में बुंदेलखंड के पहले आयुर्वेद महाविद्यालय के निर्माण कार्य की शुरुआत हो चुकी है। इस महाविद्यालय का नाम जैन संत, राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर महाराज के नाम पर रखा गया है। महाविद्यालय और उससे संबद्ध आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
गुरुवार को सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी ली तथा मौके पर चल रहे खुदाई और अन्य प्रारंभिक कार्यों का जायजा लिया। विधायक ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

तिलीमाफी क्षेत्र में हो रहा निर्माण
विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने बताया कि यह आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल तिलीमाफी क्षेत्र में लगभग 7.50 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जा रहा है। यह संस्थान न केवल सागर बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र का पहला आयुर्वेदिक शिक्षण संस्थान होगा, जो स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही दृष्टि से क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
100 बिस्तरों का आधुनिक आयुर्वेदिक अस्पताल
प्रस्तावित आयुर्वेद महाविद्यालय में कुल 14 अकादमिक विभाग होंगे। इसके साथ ही 100 बिस्तरों वाला एक आधुनिक आयुर्वेदिक अस्पताल भी बनाया जाएगा। अस्पताल में पंचकर्म सहित आयुर्वेद की विभिन्न पद्धतियों से उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे आम नागरिकों को सुलभ, प्रभावी और प्राकृतिक चिकित्सा लाभ मिल सकेगा।
आयुष शिक्षा और शोध का बनेगा केंद्र
विधायक ने जानकारी दी कि प्रारंभिक चरण में बीएएमएस सहित अन्य स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। आने वाले समय में यहां स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सा की उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय सागर और पूरे बुंदेलखंड को आयुष शिक्षा, शोध और उपचार का प्रमुख केंद्र बनाएगा। साथ ही इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज के नाम पर स्थापित यह आयुर्वेद महाविद्यालय सेवा, स्वास्थ्य और संस्कारों का केंद्र बनेगा और बुंदेलखंड के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।