सागर। शहर के गोपालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत शनिचरी इलाके में बुधवार शाम एक 10 वर्षीय बालिका लावारिस हालत में सड़क पर रोती हुई मिली। घबराई हुई बच्ची अपना नाम और पता तक नहीं बता पा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित संरक्षण में लेकर पुलिस चौकी ले आई।
रहवासियों ने दी सूचना
स्थानीय लोगों ने जब बच्ची को अकेले भटकते देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बालिका को संभाला और उससे परिवार के बारे में पूछताछ की, लेकिन वह घबराहट के कारण कुछ भी स्पष्ट नहीं बता सकी।
फोटो शेयर कर शुरू की तलाश
परिवार का पता लगाने के लिए पुलिस ने बालिका की फोटो शहर के सभी थानों में भेजी। साथ ही विभिन्न वाट्सऐप ग्रुपों पर भी फोटो साझा की गई। एक विशेष टीम गठित कर शनिचरी इलाके की गलियों में घर-घर जाकर लोगों को बच्ची की तस्वीर दिखाई गई और पूछताछ की गई।

करीब तीन घंटे की लगातार मशक्कत के बाद पुलिस को बच्ची के माता-पिता का पता चल सका।
माता-पिता को सौंपा गया बच्ची
बालिका के पिता जितेंद्र रैकवार ने बताया कि उनकी पत्नी काम से बाहर गई थीं और वे स्वयं भी घर पर नहीं थे। इसी दौरान बेटी घर से निकलकर गलियों में भटक गई होगी।
पुलिस ने बच्ची को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया। बेटी को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
टीम की सक्रिय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में शनिचरी चौकी प्रभारी नीरज जैन, एसआई आरकेएस चौहान, प्रधान आरक्षक यशवंत यादव, मोहन सिंह, आरक्षक आनंद सिंधु सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक मासूम बच्ची सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सकी, जिससे किसी भी अनहोनी की आशंका टल गई।