वन वृत्त सागर में “वनों के पुनर्स्थापन एवं वन्यप्राणी संरक्षण में लेण्डस्केप पद्धति को मुख्य धारा में शामिल करने” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैंपा) श्री मनोज अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन तथा वन संरक्षक, सागर वृत्त श्री रिपुदमन सिंह भदौरिया के निर्देशन में संपन्न हुई।

इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों के रूप में सेवा निवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री रमेश श्रीवास्तव, श्री के. रमन एवं श्री चिरंजन त्यागी ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने बुंदेलखंड लेण्डस्केप और ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप को ध्यान में रखते हुए एकीकृत भूदृश्य प्रबंधन योजना (Integrated Landscape Management Plan) की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार इंटीग्रेटेड लेण्डस्केप मैनेजमेंट प्लान वनों के पुनर्स्थापन, जैव विविधता संरक्षण एवं वन्यजीव आवास प्रबंधन में सहायक होगा।
विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि लेण्डस्केप पद्धति अपनाने से वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिलेगी। इस दिशा में भविष्य में आवश्यक कार्यवाहियाँ की जाएंगी और स्थानीय स्तर पर वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण को गति प्रदान की जाएगी।
कार्यशाला का सफल आयोजन दक्षिण सागर के वनमंडल अधिकारी श्री वरुण यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर वन वृत्त सागर के सभी वनमंडल अधिकारी, उपवनमंडल अधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी एवं तकनीकी स्टाफ सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यशाला में साझा अनुभवों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।