मध्यप्रदेश के सागर शहर में शनिवार को वैलेंटाइन डे के विरोध में शिवसेना कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। सुबह से ही शहर के विभिन्न पार्क, रेस्टोरेंट और होटलों में शिवसैनिकों ने निगरानी रखी। कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकालकर शहर में भ्रमण किया और सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की अश्लीलता न फैले, इसे लेकर सतर्कता बरती।
शिवसैनिकों ने मकरोनिया के कृष्ण नगर क्षेत्र से रैली की शुरुआत की, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कालीचरण चौराहे तक पहुंची। यहां कार्यकर्ताओं ने वैलेंटाइन डे का पुतला दहन किया और नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनाने की अपील
प्रदर्शन के दौरान शिवसेना नेताओं ने युवाओं से 14 फरवरी को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ के रूप में मनाने की अपील की। उनका कहना था कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता का सम्मान सर्वोपरि है और युवाओं को पाश्चात्य परंपराओं के बजाय भारतीय संस्कारों को अपनाना चाहिए।
शिवसेना उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा कि 14 फरवरी वैलेंटाइन डे भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ युवक-युवतियां पाश्चात्य सभ्यता के प्रभाव में सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय व्यवहार करते हैं, जिसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि निगरानी के दौरान कोई आपत्तिजनक स्थिति सामने नहीं आई और युवाओं ने संगठन के संदेश का सम्मान किया।

पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कालीचरण चौराहे पर स्थित कालीचरण तिवारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। कार्यकर्ताओं ने देश की सुरक्षा में शहीद हुए जवानों के बलिदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा।
शहर के प्रमुख स्थानों पर रही निगरानी
शिवसेना जिला प्रमुख दीपक लोधी ने बताया कि रैली के दौरान कार्यकर्ता कैंट मॉल सहित विभिन्न रेस्टोरेंट और पार्कों में पहुंचे। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की रक्षा करना है।
शहर में पूरे दिन शिवसैनिक सक्रिय नजर आए, हालांकि कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा और प्रमुख स्थानों पर निगरानी बनाए रखी।
कुल मिलाकर सागर में वैलेंटाइन डे के अवसर पर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। संगठन ने भारतीय संस्कृति और शहीदों के सम्मान का संदेश देते हुए कार्यक्रम का समापन किया।