सागर जिले में नेशनल हाईवे-44 पर शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात एक गंभीर सड़क हादसा सामने आया, जिसने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बम्होरी बीका के पास देर रात करीब 2 बजे तेज रफ्तार दो कंटेनरों के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका ड्राइवर स्टेयरिंग के बीच बुरी तरह फंस गया।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने घटना को देखकर तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई। कंटेनर में फंसे ड्राइवर की हालत बेहद गंभीर थी और वह बेहोशी की स्थिति में पहुंच चुका था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। लेकिन ड्राइवर केबिन में इस कदर फंसा हुआ था कि उसे निकालना आसान नहीं था। इसके बाद क्रेन और अन्य उपकरणों की मदद ली गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर करीब एक घंटे तक लगातार मशक्कत की, जिसके बाद कंटेनर की केबिन (बॉडी) को तोड़कर ड्राइवर को बाहर निकाला जा सका।
घायल ड्राइवर को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है, क्योंकि वह बेहोश है और उसके पास कोई पहचान पत्र भी नहीं मिला। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इस हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कंटेनरों को हटाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और सड़क की मौजूदा स्थिति हो सकती है। दरअसल, बम्होरी चौराहे पर इन दिनों ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण नेशनल हाईवे-44 पर ट्रैफिक एक ही साइड से संचालित किया जा रहा है। इस वजह से सड़क पर वन-वे जैसी स्थिति बन गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
इसके अलावा, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां एक खतरनाक मोड़ भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हाल ही में 18 मार्च को भी इसी जगह एक ट्रक और कंटेनर के बीच टक्कर हुई थी। बावजूद इसके, यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में उचित ट्रैफिक व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और स्पीड कंट्रोल के उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था। वहीं, घायल ड्राइवर की पहचान होने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि उसके परिवार को सूचना दी जा सके।
यह हादसा एक बार फिर यह संकेत देता है कि हाईवे पर लापरवाही और अधूरी व्यवस्थाएं किस तरह जानलेवा साबित हो सकती हैं।