सागर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई, जहां चलती कार में अचानक आग लगने से एक महिला की जलकर मौत हो गई। मृतका की पहचान सीमा कुर्मी (38) के रूप में हुई है, जो अपने पति डॉ. नीलेश कुर्मी (42) के साथ इलाज के लिए सागर आ रही थीं। हादसा गढ़ाकोटा रोड पर चनाटोरिया के पास सुबह करीब 4 बजे हुआ।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार में अचानक आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि वाहन में सीएनजी किट लगी हुई थी, जिससे आग तेजी से फैल गई। हादसे के समय कार में केवल पति-पत्नी सवार थे। डॉ. नीलेश किसी तरह समय रहते कार से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन उनकी पत्नी अंदर ही फंस गईं और जिंदा जल गईं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतका के भाई लोकेश पटेल ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि यह वास्तव में एक दुर्घटना होती, तो घटनास्थल पर उसके स्पष्ट संकेत मिलते। उन्होंने आशंका जताई कि उनकी बहन को पहले बेहोश किया गया या संभवतः हत्या कर दी गई, और इसके बाद उन्हें कार में लाया जा रहा था।
लोकेश ने बताया कि घटना से पहले उनके जीजा डॉ. नीलेश का फोन आया था, जिसमें उन्होंने कहा कि सीमा को हार्ट अटैक आया है और वे उन्हें इलाज के लिए सागर ला रहे हैं। इसके कुछ समय बाद दूसरा कॉल आया, जिसमें बताया गया कि सानौधा के पास एक्सीडेंट हो गया है। फिर तीसरी कॉल में बताया गया कि कार में आग लग गई और सीमा की मौत हो गई।
परिवार के अनुसार, सीमा और उनके पति के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। इस पृष्ठभूमि ने संदेह को और गहरा कर दिया है। मृतका के भाई ने पुलिस से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू पर जांच शुरू कर दी है। सानौधा थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर के अनुसार, फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य एकत्र कर रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। एक ओर जहां यह मामला तकनीकी खराबी या दुर्घटना हो सकता है, वहीं दूसरी ओर पारिवारिक विवाद और लगाए गए आरोप इसे एक संभावित अपराध की दिशा में भी ले जा रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जहां कार के सीएनजी टैंक में धमाके के बाद आग लगने से पिता-पुत्र की जलकर मौत हो गई थी। ऐसे मामलों ने सीएनजी वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, सागर की इस घटना में सच्चाई क्या है—यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और यदि कोई दोषी है, तो उसे सजा मिल सके।