सागर। पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार शाहवाल के दिशा-निर्देशन में सागर पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए सक्रियता से कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में थाना सिविल लाइन पुलिस ने फोरलेन मकरोनिया कट पर हुई लूट की वारदात का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 03 नवंबर 2025 को परम पिता प्रताप सिंह दांगी उम्र 24 वर्ष निवासी सिमरिया खुर्द अपने भाई के साथ जा रहे थे, तभी फोरलेन मकरोनिया कट के पास एक स्कूटी सवार चार अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने दोनों भाइयों से मारपीट करते हुए मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और ₹6,500 नकद लूट लिए।
पीड़ित द्वारा घटना की रिपोर्ट दिनांक 08 नवंबर 2025 को थाना सिविल लाइन में दर्ज कराई गई। रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 295/25 अंतर्गत धारा 309(4), 309(6), 126(2), 296(बी), 351(2), 3(5) बी.एन.एस. में प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार शाहवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार उइके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा, एवं नगर पुलिस अधीक्षक मकरोनिया श्री अजय कुमार सनकत के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संभावित स्थानों पर दबिश दी और महज कुछ ही घंटों में वारदात में संलिप्त चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से लूटा गया मोबाइल फोन, दस्तावेज और नकदी भी बरामद की गई है।
इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मचारी:
निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर,
उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह ठाकुर,
प्रधान आरक्षक प्रदीप (1376),
आरक्षक अंशुल (467), रामसिंह (330), विपिन (1212), प्रिंस (345), आशीष तिवारी (551), अजय (996) एवं कपिल देव (1568)।
साथ ही थाना कोतवाली एवं थाना मोती नगर पुलिस स्टाफ का भी सराहनीय योगदान रहा।
सागर पुलिस की अपील:
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत Dial-112 या नजदीकी पुलिस थाने में सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सूचना भी किसी बड़े अपराध को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।
यह कार्रवाई सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सटीक नेतृत्व और अपराध पर सख्त नियंत्रण के संकल्प का प्रमाण है।