इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के रामानुजन छात्रावास में अर्धनग्न होकर डांस करने, हंगामा मचाने और हॉस्टल संपत्ति में तोड़फोड़ करने वाले छात्रों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में चिन्हित किए गए 17 छात्रों का परीक्षा परिणाम रोक दिया गया है और उन्हें 25 हजार रुपए का जुर्माना जमा करने के बाद ही रिजल्ट जारी किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संस्थान की अनुशासन व्यवस्था और प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था।
25 हजार रुपए जुर्माना भरने पर मिलेगा रिजल्ट
आईईटी के निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल ने बताया कि जांच समिति की अनुशंसा के आधार पर दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिन छात्रों को दोषी पाया गया है, उनका परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित छात्र 25 हजार रुपए की निर्धारित पेनाल्टी जमा नहीं करेंगे, तब तक उनका रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। अब तक केवल एक छात्र ने जुर्माना राशि जमा की है, जबकि बाकी छात्रों को भी नोटिस जारी कर दिया गया है।
अभिभावकों को बुलाया गया
घटना को गंभीर मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी 17 छात्रों के अभिभावकों को भी बुलाया है। अब तक पांच छात्रों के माता-पिता विश्वविद्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं।
प्रबंधन का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर केवल छात्रों ही नहीं बल्कि अभिभावकों को भी स्थिति से अवगत कराना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जून में होंगे शेष पेपर
घटना के बाद संबंधित छात्रों को उनकी शेष परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी। ये सभी छात्र अंतिम वर्ष के विद्यार्थी हैं और उनके कुछ पेपर अभी बाकी हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन अब इन छात्रों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। जानकारी के अनुसार जून के मध्य, लगभग 15 जून के आसपास इन छात्रों की परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। परीक्षा कार्यक्रम को लेकर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।
वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले आईईटी के रामानुजन हॉस्टल में फाइनल ईयर के छात्रों ने देर रात जमकर उत्पात मचाया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में छात्र अर्धनग्न अवस्था में नाचते-गाते और शोर-शराबा करते दिखाई दिए थे।

इतना ही नहीं, छात्रों ने हॉस्टल परिसर में तोड़फोड़ भी की थी। हॉस्टल की टेबल-कुर्सियां, पानी की टंकियां और खिड़कियों के कांच क्षतिग्रस्त कर दिए गए थे। घटना से हॉस्टल संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा था।
वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति गठित की थी। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 17 छात्रों की पहचान की गई और उन्हें दोषी माना गया।
माफी मांग चुके हैं छात्र
विवाद बढ़ने और कार्रवाई शुरू होने के बाद संबंधित छात्रों ने एक वीडियो जारी कर अपने व्यवहार के लिए खेद भी व्यक्त किया था। छात्रों ने स्वीकार किया था कि उनसे गलती हुई है और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि माफी मांगना अपनी जगह है, लेकिन संस्थान की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अनुशासनहीनता के मामले में निर्धारित कार्रवाई की जाएगी।
अनुशासन पर कोई समझौता नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। छात्रों को अपनी स्वतंत्रता का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। यदि कोई छात्र संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाता है या सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बाकी छात्र कब तक जुर्माना जमा करते हैं और जून में प्रस्तावित विशेष परीक्षा में शामिल होकर अपनी डिग्री की प्रक्रिया पूरी कर पाते हैं या नहीं।