सागर के कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भावांतर योजना के सुचारू क्रियान्वयन पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का गलत फायदा उठाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और मंडियों में किसानों के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किया जाए।

कलेक्टर ने बताया कि इस योजना का लाभ मुख्य रूप से सोयाबीन उत्पादक किसानों को मिलेगा। मंडियों में सोयाबीन बेचने पर किसानों को मंडी मॉडल रेट और MSP रेट के बीच का अंतर सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाएगा। वर्तमान में सोयाबीन का MSP 5328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है।

उन्होंने अधिकारियों को किसान संगठनों और पंजीकृत व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित कर योजना की प्रक्रिया, लाभ और पंजीयन के तरीके की जानकारी देने का निर्देश दिया। योजना का पंजीयन 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुका है और यह 24 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। किसान एमपी ऑनलाइन और CSC केंद्रों के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी बिचौलिये या अन्य व्यक्ति द्वारा योजना का गलत लाभ लेने के प्रयास पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और मंडियों में हेल्पडेस्क स्थापित करने के लिए भी निर्देशित किया।
इस योजना के तहत, किसानों को लाभ का भुगतान 15 दिन के भीतर उनके बैंक खातों में किया जाएगा। कलेक्टर ने किसानों से अपील की कि वे इस योजना में समय पर पंजीयन कर लाभ सुनिश्चित करें और किसी भी अनियमितता की सूचना अधिकारियों को दें।
भावांतर योजना के क्रियान्वयन से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि वे मंडी रेट और MSP के बीच का अंतर सीधे प्राप्त करके आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनेंगे। यह पहल मध्यप्रदेश सरकार की किसानों को आर्थिक सुरक्षा और समृद्धि प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।