प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल आज सिंग्रामपुर प्रवास पर रहे, जहां उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत आयोजित आदि कर्मयोगी एवं आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने आदिवासी भाइयों के साथ सहभोज कर आत्मीय संवाद किया और समाज के उत्थान के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी साझा की।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक भारत में एक भी बच्चा सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित पैदा न हो। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा डिजिटल कार्ड बनाकर विवाह के समय उनका मिलान करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि सिकल सेल जैसी बीमारी पीढ़ी दर पीढ़ी न फैले। उन्होंने इसे “पुण्य का कार्य” बताते हुए जनता से इसमें सहयोग की अपील की।

राज्यपाल ने वीरांगना रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और “मां के नाम एक पेड़” अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन संघर्ष, साहस और बलिदान आज भी प्रेरणा का स्रोत है और उनके आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में आदिवासी समाज की दशा और दिशा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया जैसे विशेष जनजाति समूहों के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा उत्कर्ष योजना लागू की गई है। इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सिंचाई और आधारभूत संरचना से लेकर प्रशिक्षण तक की सुविधाएँ दी जा रही हैं।

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल का समर्पण और संवेदनशीलता जनजातीय समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल, एनीमिया और कुपोषण जैसी बीमारियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।
इस अवसर पर प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पशुपालन डेयरी विभाग के राज्यमंत्री लखन पटेल, सांसद राहुल सिंह, विधायक दमोह जयंत मलैया, हटा विधायक उमादेवी खटीक, पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे सहित प्रशासनिक अधिकारी व बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।