प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि हमें गोंडवाना की वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह और राजा रघुनाथ शाह जैसे वीर सपूतों के बलिदानों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने देश की मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। राज्यपाल सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम कड़ता में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि सागर जिले में शुरू की गई फूड फॉरेस्ट्री योजना अभिनव पहल है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिलेगा। इसके तहत तीन वर्षों में लगभग 10 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जो स्वसहायता समूहों को रोजगार उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना और जनजातीय जनमन एवं धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना की भी सराहना की, जिनमें क्रमशः 24 हजार करोड़ और 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है।

राज्यपाल ने गोंडी पेंटिंग्स की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि की चर्चा करते हुए कलाकारों को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने सिकल सेल एनीमिया को गंभीर अनुवांशिक रोग बताते हुए इसके प्रति जागरूकता और उपचार पर बल दिया। कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन” 2047 तक इस रोग को समाप्त करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि रहली क्षेत्र से शुरू हुई मुख्यमंत्री कन्यादान योजना लगातार जारी रहेगी। उन्होंने वीरांगना रानी दुर्गावती और अन्य जननायकों के योगदान को नमन किया और ग्राम कड़ता में जनकल्याण योजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं।
इस अवसर पर विधायक ब्रजबिहारी पटैरिया, वीरेन्द्र लोधी, जिला अध्यक्ष रानी कुशवाहा, डीआईजी सचेन्द्र नाथ चौहान, कलेक्टर संदीप जी आर, एसपी विकास शाहवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरविंद जैन ने किया और आभार सहायक आयुक्त श्री सुधीर श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।