राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में खुरई नगर में रविवार को संघ का भव्य पथ संचलन निकाला गया। इस अवसर पर नगर का माहौल राष्ट्रभक्ति और अनुशासन के रंग में सराबोर दिखाई दिया। संघ के सैकड़ों स्वयंसेवक गणवेश में अनुशासित पंक्तियों में कदमताल करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया।

पथ संचलन का प्रारंभ किला मैदान से हुआ, जहां दोपहर 3:30 बजे सैकड़ों स्वयंसेवक एकत्रित हुए। बीना जिला संघ कार्यवाह चंद्रप्रकाश जी और नगर संघ कार्यवाह प्रदीप जी की उपस्थिति में ध्वजारोहण, मां भारती तथा संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एवं गुरुजी श्री सदाशिव गोलवलकर के चित्रों पर दीप प्रज्वलन और शस्त्र पूजन किया गया। इसके उपरांत राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीतों के बीच पथ संचलन का शुभारंभ हुआ।
वाद्यवृंद की ताल पर संगठित गति से आगे बढ़ते स्वयंसेवकों की टुकड़ियों ने जब नगर के मुख्य मार्गों पर प्रवेश किया, तो नागरिकों में राष्ट्र चेतना और देशभक्ति का उत्साह देखने योग्य था। हर गली-मोहल्ले में लोग अपने घरों की छतों और स्वागत द्वारों से फूल बरसाते नजर आए।
भूपेन्द्र सिंह ने किया स्वागत, नगर में उमड़ा उत्साह
पथ संचलन जब परसा तिराहे पर पहुंचा, तो वहां पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिकों ने भव्य मंच से पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। मंच पर भारत माता की वेशभूषा में एक बालिका राष्ट्रीय ध्वज थामे खड़ी थी, जो इस अवसर का विशेष आकर्षण रही।
नगर के आंबेडकर चौराहा क्षेत्र में जेसीबी मशीनों से पुष्पवर्षा कर संघ के स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया गया। पथ संचलन नगर पालिका मार्ग से होते हुए पुनः किला मैदान पहुंच कर सम्पन्न हुआ।
“पथ संचलन राष्ट्रीय चेतना और अनुशासन का प्रतीक” — भूपेन्द्र सिंह
स्वागत के उपरांत पत्रकारों से चर्चा में पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है, जो राष्ट्र की एकता, अखंडता और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा —
“संघ ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है। आज जब खुरई में इतनी बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एकजुट हुए हैं, यह राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संगठन शक्ति का जीवंत उदाहरण है।”
श्री सिंह ने कहा कि संघ के वर्षों के त्याग और संघर्ष से ही अयोध्या में श्रीराम मंदिर का सपना साकार हुआ है। संघ के अनेक स्वयंसेवकों ने इसके लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि राम राज्य की संकल्पना केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और सेवा के आदर्शों पर आधारित है — और संघ निरंतर इस दिशा में कार्य कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि इस भव्य पथ संचलन में बड़ी संख्या में युवा स्वयंसेवकों की भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी राष्ट्र सेवा की भावना से प्रेरित है। नगरवासियों ने जिस उत्साह और गर्व से इस आयोजन में सहभागिता की है, वह राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की मिसाल है।