थाना केंट पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से आर्थिक लाभ के उद्देश्य से शादी में धोखाधड़ी करने वाले “लुटेरी दुल्हन गैंग” का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में महिला सहित दो आरोपी—दुल्हन लक्ष्मी बंसल उर्फ़ आरती यादव और उनके देवर बब्बू बंसल उर्फ़ रामनाथ यादव—को गिरफ्तार किया गया।

घटना का विवरण यह है कि दिनांक 13 अक्टूबर 2025 को धरमो बाई पत्नी स्व. हरप्रसाद यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने बेटे सुनील यादव के लिए विवाह संबंधी प्रयास कर रही थीं। उसी क्रम में राजू यादव ने सुनील के लिए आरती यादव का रिश्ता सुझाया और बताया कि लड़की पक्ष की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए शादी का खर्चा पिता को उठाना होगा। फरियादी ने शर्तें मानते हुए 12 सितंबर 2025 को शादी कर दी, जिसमें लगभग 80,000 रुपये नकद, सोने का हार, चांदी की करधौनी, पेंडल और पायल सगुन के रूप में दिए गए।
दिनांक 14 सितंबर 2025 को दुल्हन आरती यादव अपने भाई रामनाथ यादव के साथ नकदी और आभूषण लेकर फरियाद के घर से फरार हो गई। शिकायत के आधार पर थाना केंट में अपराध क्रमांक 574/25 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
सागर पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार शाहवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा और नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में आरोपीयों की पतारसी और साक्ष्य संकलन किया गया। सघन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने लक्ष्मी बंसल और बब्बू बंसल को सिलवानी जिला रायसेन से गिरफ्तार किया।
जप्त सामाग्री:
- सोने का हार और मंगलसूत्र (पेंडल)
- चांदी की पायल और कमरबंद
- घटना में प्रयुक्त 04 मोबाइल फोन
कुल मूल्य: लगभग 3 लाख रुपये
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी रोहित डोंगरे, उप निरीक्षक के एस ठाकुर, प्रआर सुरेन्द्र सिंह, भवानीशंकर व्यास, बृजेन्द्र तिवारी, सौरभ रैकवार, साइबर सेल हेमंत सिंह, आरक्षक भानू प्रताप चौधरी, श्रीकांत चौबे, अभिलाषा जाट समेत अन्य पुलिसकर्मियों का सराहनीय योगदान रहा।
थाना केंट पुलिस की तत्परता और सक्रियता से शादी में आर्थिक लाभ कमाने वाली योजनाबद्ध धोखाधड़ी को समय रहते रोका गया और आरोपीयों को न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई से सागर में अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई का संदेश भी गया है।