कलेक्टर श्री संदीप जी आर के निर्देश पर जिले में मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और तहसीलदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नकली और अमानक खाद्य सामग्री का उपयोग करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

इस दिशा में आज तहसीलदार श्री संदीप तिवारी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती प्रीति राय सहित अन्य अधिकारियों ने राहतगढ़ बस स्टैंड स्थित “श्री भोले स्वीट्स” की दुकान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बेसन के लड्डू की चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से जांच की गई। जांच में अखाद्य रंग की पुष्टि होने पर 7 किलो बेसन के लड्डू को जब्त कर लिया गया। साथ ही मावा की बर्फी, मिल्क केक और कलाकंद के सैंपल भी लिए गए।
इसी प्रकार, “शर्मा स्वीट्स” जो कि श्री नरेंद्र पाठक द्वारा संचालित है, पर भी कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि प्रतिष्ठान पर 11 बोरी नकली मावा (प्रति बोरी 10 किलो) रखी गई थी। ये मावा अमानक पाई गई क्योंकि इसमें मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट या कंपनी का कोई विवरण नहीं था।

तहसीलदार श्री संदीप तिवारी ने कहा कि कलेक्टर के निर्देश के अनुसार जिले में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की निगरानी की जाएगी और नकली खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जनता को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए इस अभियान को तेज किया जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से कलेक्टर ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी भी प्रतिष्ठान को मिलावटी या नकली खाद्य सामग्री के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी, और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।