सागर के राहतगढ़ में शासकीय कर्मचारियों के लिए अल्पविराम परिचय कार्यशाला सम्पन्न !

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सागर: जिला कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में राज्य आनंद संस्थान (आनंद विभाग) एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त सहयोग से जिले के सभी विकासखंडों में अल्पविराम परिचय कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इसी श्रृंखला में आज जनपद पंचायत राहतगढ़ के सभागार में एकदिवसीय विकासखंड स्तरीय कार्यशाला संपन्न हुई। यह जिले की अंतिम एवं 11वीं कार्यशाला थी।

कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित कर मुख्य अतिथि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्री सुरेश कुमार प्रजाति और राज्य कार्यक्रम समन्वयक हैप्पीनेस इंडेक्स श्री आकाश दुबे ने किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि जीवन में शासकीय दायित्वों के साथ स्वयं के मानसिक तनाव एवं अवसाद को कम कर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रथम सत्र में आनंद के महत्व, स्थायी आनंद और सुख के भिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर श्री अनिल राय ने साझा किया कि आनंद जीवन का स्थायी भाव है, जिसे केवल भौतिक सुख से नहीं प्राप्त किया जा सकता। इसके बाद जीवन की बैलेस शीट, स्वयं से संपर्क, सुधार एवं दिशा सत्र आयोजित किए गए, जिसमें श्री रामकेश तेकाम और सुश्री विदेश्वरी तिवारी ने जीवन में संतुलन और स्वयं सुधार के महत्व पर प्रकाश डाला।

फ्रीडम ग्लास (मुक्ति पात्र) के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि अल्पविराम अपनाकर मानसिक शांति, आत्मसुधार और सकारात्मक जीवन की दिशा में कैसे अग्रसर हुआ जा सकता है। प्रतिभागियों ने शांत समय में व्यक्तिगत सुधार हेतु संकल्प लिया और अपने अनुभव एवं फीडबैक साझा किए।

कार्यशाला में महिला बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, उद्यानिकी विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समापन सत्र में राज्य कार्यक्रम समन्वयक श्री आकाश दुबे ने बताया कि यदि जीवन में पांच यज्ञ — ब्रह्म यज्ञ, देव यज्ञ, पितृ यज्ञ, मनुष्य यज्ञ और भूत यज्ञ — को अपनाया जाए, तो यह जीवन में सतत सुधार और सकारात्मक ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त करता है।

कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र वितरण एवं सभी अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। विकासखंड समन्वयक श्रीमती सीमा भार्गव ने प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत लाभकारी और जीवन परिवर्तनकारी बताया।

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