प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने सागर जिले के खुरई निवासी हेमंत अहिरवार की जिंदगी में नई रोशनी भर दी। कभी साइकिल पर घूम-घूमकर दही कचौरी, पानीपुरी और दही बड़ा बेचने वाले हेमंत आज एक सफल और आत्मनिर्भर व्यवसायी बन चुके हैं।

पहले हेमंत दिनभर मेहनत करने के बावजूद सीमित आमदनी से परिवार का भरण-पोषण मुश्किल से कर पाते थे। बचत न के बराबर होने के कारण आर्थिक तंगी बनी रहती थी।
लेकिन नगर पालिका परिषद खुरई द्वारा आयोजित एक स्वरोजगार शिविर में जब उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली, तो उनकी किस्मत ने करवट ली।
हेमंत ने योजना के तहत सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से ₹20,000 का ऋण प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने एक नया हाथ ठेला खरीदा और खुरई के गाँधी वार्ड में एक स्थायी स्टॉल शुरू किया। उनकी दही कचौरी और दही बड़ा की स्वादिष्टता ने जल्दी ही लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल कर ली।
अब हेमंत का कारोबार स्थिर और लाभदायक बन चुका है। उन्हें पहले से अधिक आय होने लगी है, साथ ही बचत भी बढ़ी है। हेमंत का कहना है कि स्वनिधि योजना ने उन्हें आर्थिक मजबूती, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास प्रदान किया है।
यह सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि अवसर और सहयोग मिले तो छोटे व्यापारी भी आत्मनिर्भर बनकर समाज में उदाहरण पेश कर सकते हैं।